---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 03 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
देश में सबसे ज्यादा सदस्य का तमगा लेने के बाद भाजपा अब सबसे ज्यादा चंदा बटोरने वाली पार्टी में शुमार हो गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2016-17 में भाजपा को करीब 593 फीसद ज्यादा चंदा मिला है। यह जानकारी वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की ओर से दी गई। वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की प्रदेश को-आॅर्डिनेटर डॉ• उज्जैनी हलीम, सिक्किम उच्चन्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मलय सेनगुप्त, इंडियन एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रोफेसर सत्यव्रत चौधरी और फोरम आॅफ वॉलेंटरी आगेर्नाइजेशन (प• बंगाल) के महासचिव मानवेंद्र मंडल ने संयुक्त रुप से बताया कि राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की आय, उन्हें प्राप्त होनेवाले डोनेशन की जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच (एनइडब्ल्यू) की रिपोर्ट के आधार पर ही तय की जाती है।
दोनों संगठनों ने इसकी जानकारी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों द्वारा इलेक्शन कमिशन आॅफ इंडिया को दिए गए तथ्यों के आधार पर जुटाई है। हलीम ने बताया कि रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2016-17 को राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को कुल 589.38 करोड़ रुपए प्राप्त हुए, इसमें से भाजपा की झोली में 532.27 करोड़ रुपए आए हैं, जबकि कांग्रेस को 41.90 करोड़ रुपए मिले हैं। इसी तरह, एनसीपी को 6.34 करोड़ रुपए, माकपा को 5.25 करोड़ रुपए, तृणमूल कांग्रेस को 2.15 करोड़ रुपए और भाकपा को 1.44 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वित्तीय वर्ष 2015-16 में भाजपा को 76.85 करोड़ रुपए का चंदा मिला था। यानी चंदे में 455.42 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई।
राजनीतिक दलों को मिलनेवाला डोनेशन, आय, संपत्ति की सटीक जानकारी संबंधी प्रश्न पूछे जाने पर वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की प्रदेश को-आॅर्डिनेटर हलीम ने कहा है कि उनके संगठन की ओर से मांग की गई है कि राजनीतिक दलों को भी आरटीआइ के दायरे में लाया जाए।
इधर, पश्चिम बंगाल में हुए पंचायत चुनाव के दौरान कथित हिंसा की घटनाओं को लेकर हलीम ने मांग की है कि चुनाव में इ-नामांकन पत्र दाखिल करने की परपंरा शुरू की जाए।
एनसीपी को वित्तीय वर्ष 2015-16 में 71 लाख रुपया डोनेशन मिला था, जिसमें 5.63 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। वर्ष 2015-16 में कांग्रेस को बतौर डोनेशन 20.42 करोड़ रुपए मिले थे, जिसमें 21.48 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई। वर्ष 2015-16 में माकपा को 1.81 करोड़ रुप्ए मिले थे यानी उन्हें मिलने वाले डोनेशन में 3.44 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। तृणमूल कांग्रेस को वर्ष 2015-16 में 65 लाख रुपए डोनेशन मिला था और उसे मिलने वाले चंदा में 1.5 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। केवल भाकपा को मिलने वाले डोनेशन में कमी आई है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015-16 में भाकपा को 1.58 करोड़ रुपए डोनेशन मिला थे जो वर्ष 2016-17 में घटकर 1.44 करोड़ रुपए हो गया। यानी 14 लाख रुपए की कमी आई। रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2015-16 में सबसे ज्यादा आय की घोषणा भाजपा ने की थी। पार्टी की ओर से आय की राशि 570.86 करोड़ बताई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016-17 में इसकी घोषणा नहीं की गई। वर्ष 2015-16 में आय के मामले में कांग्रेस दूसरे स्थान पर थी। उसकी आय 261.56 करोड़ रुपए बताई गई थी। वित्तीय वर्ष 2015-16 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2016-17 में बसपा की आय में 126.19 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2015-16 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2016-17 में माकपा की आय में 6.72 करोड़ रुपए और तृणमूल कांग्रेस की आय में 28.18 करोड़ रुपए की कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार राजनीतिक दलों को सबसे ज्यादा डोनेशन नई दिल्ली से प्राप्त होते हैं। वर्ष 2016-17 में नई दिल्ली से राजनीतिक दलों को कुल 290.90 करोड़ रुपए, महाराष्ट्र से 112.31 करोड़ रुपए, उत्तर प्रदेश से 20.22 करोड़ रुपए, पश्चिम बंगाल से 14.63 करोड़ रुपए, हरियाणा से 11.65 करोड़ रुपए और अन्य राज्यों से 139.57 करोड़ रुपए बतौर डोनेशन मिले।