---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 04 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
सुपरस्टार रजनीकांत पहली बार पश्चिम बंगाल आ रहे हैं और यहां वे लगातार एक महीने तक अपनी नई फिल्म की शूटिंग करेंगे। बुधवार को दार्जीलिंग पहुंचने के बाद गुरूवार से 150 लोगों की टीम से साथ वे शूटिंग शुरू कर देंगे। मालूम हो कि 2012 में रणवीर कपूर-प्रियंका चोपड़ा अभिनीत बर्फी की शूटिंग भी राज्य की पहाड़ियों में ही हुई थी। लेकिन इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर किसी बड़े स्तर की फिल्म की शूटिंग यहां नहीं हुई है।
सूत्रों ने बताया कि सन टीवी नेटवर्क की इस फिल्म की शूटिंग हरमन स्कूल, कार्सियांग रेंजर्स कालेज व आसपास के इलाकों में होगी। इस बीच फिल्म की टीम यहां का दौरा करके गई है, जबकि एक टीम पहाड़ में मौजूद है।
गोरखा टेरीटोरीयल एडमिनीस्ट्रेशन (जीटीए) की ओर से रजनीकांत को सम्मानित भी किया जा सकता है। हालांकि सारा कुछ उनके यहां आने के बाद ही तय होगा।
मालूम हो कि राजनीति की ओर कदम बढ़ाने के बाद पश्चिम बंगाल में रजनीकांत की शूटिंग और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से महागठबंधन बनाने की कवायद को लेकर महीने भर को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा की ओर से दक्षिण भारत में पैठ बनाने के लिए रजनीकांत तक पहुंच की गई थी, लेकिन उन्होंने भाजपा में शामिल होने के बजाए अलग चलने के ही संकेत दिए हैं। ऐसे में ममता-रजनी मुलाकात की भी संभावना व्यक्त की जा रही है।
गौरतलब है कि दार्जीलिंग फिल्म वालों के लिए खास शूटिंग स्थल रहा है और पहले कश्मीर-दार्जीलिंग में फिल्मों की शूटिंग आमतौर पर हुआ करती थी। सत्यजीत रे की कंचनजंघा की शूटिंग 1962 में, राजेश खन्न-शर्मिला टैगोर की आराधना की 1969 में, दिलीप कुमार-सायरा बानो की संगीना की शूटिंग 1974 में, अमिताभ बच्चन की बरसात की एक रात की शूटिंग 1981 में और शाहरूख-सुस्मिता सेन की मैं हूं ना की 2004 में शूटिंग के अलावा 2005 में सैफ अली खान-विद्या बालन की परिणीता में दार्जीलिंग की ट्वाय ट्रेन लोगों ने देखी थी। लेकिन अभी तक दक्षिण भारत के बड़े फिल्मकार यहां की पहाड़ियों से दूर ही रहे थे।
पिछले साल गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता बिमल गुरूंग की ओर से अलग राज्य की मांग को लेकर दार्जीलिंग में 104 दिन तक बंद का पालन किया था। जिससे पहाड़ी इलाके में जनजीवन अस्त-व्यस्त होने के साथ ही पर्यटन उद्योग भी क्षतिग्रस्त हुआ था। हाल में मुख्यमंत्री पहाड़ के दौरे पर गई थी और अब इतनी बड़ी फिल्म की शूटिंग को लेकर साफ है कि पहाड़ में हालात बदल गए हैं। जीटीए पर विनय तमांग का कब्जा हो गया है और गुरूंग पहाड़ से बाहर है।
राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव का कहना है कि दार्जीलिंग में दक्षिण भारत की फिल्म की शूटिंग से साफ है कि पहाड़ में शांति लौट आई है। उनका दावा है कि इसके देश भर में चाय पर्यटन का खासा प्रचार होगा। उन्होंने कहा कि फिल्म की शूटिंग के लिए सरकार की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे दूसरे फिल्मकार भी यहां शूटिंग करने के लिए प्रेरित हो सकें।