हिन्दू युवा वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने ''गुरूदेव'' पंकज भइया कायस्थ



---आकांक्षा सक्सेना (ब्लॉगर), 05 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● कायस्थवाहिनी संगठन में खुशी की लहर

गुरूदेव पंकज भइया कायस्थ ‘प्रमुख’ कायस्थवाहिनी अंतर्राष्ट्रीय, को उनके जनहितकारी कार्यों और बेबाकी से समाज का सच दुनिया के सामने रखने की खासियत व जनप्रियता को देखते हुए हिन्दू युवा वाहिनी ने उन्हें अपने विश्व चर्चित संगठन का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुन लिया। गौरतलब हो कि पंकज भइया कायस्थ किसी परिचय के मौहताज नहीं है। वह बचपन से ही करूण हृदयी व्यक्ति रहे। इन्होंने इंटरमीडिएट के छात्र जीवन से ही इंटरेक्ट क्लब (रोटरी क्लब) के साथ जुड़ कर समाज सेवा कार्य प्रारंभ किया और फिर ससम्मान रोट्रेक्ट क्लब बस्ती यूथ (रोटरी क्लब) के संस्थापक अध्यक्ष चुने गये। इसके बाद यह कदम न रूके और न ही थमें परिणामस्वरूप फिर जोनल प्लस पोलियो आफिसर बन कर जनसेवा की (जब प्लस पोलियो कार्यक्रम रोटरी क्लब चलाती थी।)। फिर कुछ दिन न्यू जनरेशन क्लब के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसके बाद इन्होंने शेखर कल्याण समिति की स्थापना की। जिसके साथ काम करते हुये भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से सम्मानित हुये। फिर छात्र युवा दल के प्रदेश संरक्षक बने। इसके बाद प्रदेश स्तरीय क्रिकेट टूनार्मेंट कराते हुये शेखर कप हासिल किया। इनमें सब कार्यों को करते हुये इन्होंने कायस्थ महासभा का राष्ट्रीय सम्मेलन कराया और विश्व के सभी कायस्थों को एक होकर एक-दूसरे की मदद करने का आह्वान किया। सर्वसमाजहित अपने देश की संस्कृति व सभ्यता और अखंडता को विश्व पटल पर लहराने हेतु सर्वसमाज के अनेकों रूप – रंग और चरित्र को जीने के वास्ते अनेकों वीरों, महापुरुषों के जीवन चरित्र पर रंगमंच पर उत्कृष्ट अभिनय के हस्ताक्षर उकेरने में सफल रहे और इप्टा के साथ जुड़ कर अनेकों स्टेज शो किये।

इस सब के बाद पंकज भैइया गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के महंत महाराज योगी आदित्यनाथ जी के सम्पर्क में आये जिनके साथ और समर्थन से वह हिन्दू युवा वाहिनीं बस्ती के संस्थापक अध्यक्ष बने। इतने बड़े पद पर पहुंच कर भी वह जमीन से जुड़े लोगों की मदद करते रहे। जब उन्होंने देखा कि देश में एक बड़ी संख्या इंसेफ्लाइटिस रोगियों की है। यह देखते हुये इन्होंने प्रदेश स्तरीय इंसेफ्लाइटिस कार्यक्रम कराकर जनचेतना जगाने में सफलता पायी। इसके बाद वह संयुक्त हिन्दू मंच के राष्ट्रीय सचिव बने। फिर इसके बाद मनन्तवाली मइया पूजा के अध्यक्ष बने और इन सब जिम्मेदारियों को बखूबी पार्दशिता से निभाते हुये आगें बढ़ते गये। इसी क्रम में उन्हें एक और जिम्मेदारी मिली वह थी- बस्ती चित्रगुप्त मन्दिर के ट्रस्टी की जिसे उन्होंने पूरी ईमानदारी से पूरा करते हुये मन्दिर बनवाया। यह देख कायस्थ समाज गदगद हो उठा और सभी के आभार पर वह कायस्थ विकास परिषद के राष्ट्रीय महासचिव बने। चूँकि पंकज भैइया सर्वसमाज के सम्माननीय व्यक्तित्व बन चुके थे और लोगों के प्रेम और आदर के परिणामस्वरूप वह बस्ती विकास मंच के अध्यक्ष बने। हर पल समाजहित की भावना से ओतप्रोत उनके कदम हमेशा ही मानवीय हितों की रक्षा हेतु बढ़ते गये। उन्होंने किसी भी पद का न ही तिरस्कार किया और न ही अहंकार किया। वह साफ पानी की झील की तरह बिना थके बिना थमे बस बहते रहे।

इसी क्रम में नशामुक्ति कैंसरमुक्त राष्ट्र जनजागृति हेतु वह कैंसर ऐट सोसायटी के राष्ट्रीय सदस्य बने। फिर उन्होंने वाटर डाट ओआरजी के समन्वक बनकर पानी की बर्बादी पर जनजागरूकता हेतु कई कार्य किये। इसके बाद वह दैवी आपदा समिति के सदस्य बने और दैवीय आपदा सेे पीड़ित लोगों की यथा संभव मदद कर मानवीय नैतिकता और इंसानियत का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने सोचा कि लोगों को स्वयं भी जागना होगा और अपने हक के लिये लड़ना होगा और इस सोच के साथ उन्होंने अपने जनहितकारी काम और व्यक्तव्य जारी रखे जिसेे लोगों ने काफी सराहा परिणामस्वरूप वह ह्यूमन राइट काउंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने।

मीडिया से मुखातिब पंकज भइया कायस्थ ने बताया कि वह संगठन का धन्यवाद करते हैं और अपने तन, मन, धन से हिन्दू वाहिनी संगठन, समाज और राष्ट्र को समर्पित हैं।

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