जनसंपर्क अभियान के दौरान भाजपा नेताओं को सुनने पड़ रहे हैं तीखे सवाल



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 10 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

पश्चिम बंगाल में सफलता हासिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने लोगों के घर-घर जाकर संपर्क करना शुरू कर दिया है। केंद्रीय नेतृत्व की ओर से बताया जाता है कि राज्य नेताओं को निर्देश दिया गया है कि बंगाल में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षित, मध्यमवर्ग के बंगालियों को अपने वश में करना होगा। इसलिए जनसंपर्क अभियान के तहत एलिट या खास लोगों से बातचीत शुरू कर दी गई है।

सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को केंद्रीय नेता राहुल सिन्हा पूर्व एयर चीफ मार्शल अरूप राहा के घर गए थे। शनिवार को पूर्व आइपीएस अधिकारी दिनेश वाजपेयी से मिलने उनके घर गए। उनके साथ ही दल के दूसरे नेता भी अभियान में शामिल हैं। करीब चार दिन पहले भाजपा के एक महासचिव (संगठन) रामलाल कोलकाता आए थे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के साथ वे चित्रकार समीर आइच से मिलने उनके घर गए। लेकिन आइच की बातों से भाजपा नेता निरुत्तर हो गए।

आइच के मुताबिक भाजपा नेताओं से काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होना नहीं चाहते हैं। भाजपा में भी शामिल होने की उनकी इच्छा नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल के लिए काम करने की भी उनकी एक फीसद इच्छा नहीं है। दोनों नेताओं ने बीते चार साल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज पर लिखी एक पुस्तिका भेंट स्वरूप प्रदान की। इसके साथ ही एक पेन ड्राइव भी दिया, जिसमें सबका साथ-सबका विकास का प्रचार किया गया है।

हालांकि दोनों भाजपा नेताओं से जब आइच ने यह पूछा कि देश में काला धन क्या वापस आ गया है ? पेंटरों की बनाई तस्वीरोें या दूसरे कलाकारों की कलाकृतियों पर 28 फीसद जीएसटी क्यों लगाया गया है ? प्रसिद्ध चित्रकारों, पेंटरों की तस्वीरें तो जीएसटी के साथ बिक सकती हैं, लेकिन जिनका पेट इस कला के माध्यम से चलता है, उनका क्या होगा ? आम लोगों की महंगी पेंटिंंग कौन खरीदेगा ? उन्होंने कहा कि केंद्र के प्रचार से प्रभावित होकर उन्होंने रसोई गैस की सबसिडी छोड़ दी थी। लेकिन अब देख रहे हैं कि बगैर सबसिडी वाले सिलेंडर के दाम में भारी वृद्धि की जा रही है। उन्हें खुद के बारे में लगता है कि प्रचार के झांसे में आकर शहीद हो गए।

भाजपा नेता सवाल सुनकर सकपका गए, उन्होंने ऐसे सवालों के बारे में सोचा नहीं था। इसलिए किसी तरह केंद्र सरकार इन बातों के बारे में सोच विचार कर रही है- का आश्वासन देकर वहां से निकले। मालूम हो कि देश भर में भाजपा की ओर से जनसंपर्क अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत बंगाल में भी बुद्धिजीवियों को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है। कुछ दिन पहले रामलाल की कोलकाता में बुद्धिजीवियों के साथ बैठक तय की गई थी। लेकिन उसमें कुल मिलाकर 17 लोग शामिल हुए थे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी पिछले दिनों अपने दौरों के दौरान बुद्धिजीवियों से बैठक करके गए थे। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय नेताओं के मुताबिक हर जिले से कम से कम 100 ऐसे लोगों की तलाश की जाए, जिनके बारे में लोग जानते हों। उनके घर जाकर उन्हें अपने साथ लाने की कोशिश की जाए।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News