---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 12 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
ईद की छुट्टी को लेकर ममता सरकार को बदनाम किए जाने की पुलिस जांच कर रही है। एक दिन की छुट्टी को पांच दिन की बता कर ट्रोल करने वाले मामले में पुलिस को पता चला है कि भाजपा से जुड़े लोग ही इसके पीछे हैं।
इस बीच, अल्ट न्यूज नामक एक पोर्टल ने दावा किया है कि पांच दिन की छुट्टी की विज्ञप्ति एट सुंद्रामिथ व एट वीपालानीसामी2010 से शेयर किया गया था। पहले से नौ जून और दूसरे से 10 जून को इसे पोस्ट किया गया था। दावा किया गया है कि ए स वी पालानिसामी तामिलनाडू में भाजपा दफ्तर में पहले देखभाल करते थे। उनके ट्विटर को फालो करने वालों में रेल मंत्री पीयूष गोयल को वह फालो करते हैं। दूसरी टविट डाक्टर महेश्वर दत्त नामक एक व्यक्ति की ओर से की गई थी। यह भी रेल मंत्री को फालो करते हैं। फिलहाल दत्त ने टविट डिलीट कर दिया है, लेकिन अल्ट न्यूज पोर्टल ने लिंक को सेव करके रखा है। दत्त के टविट को रिटविट किया है कालम लिखने वाली रेणुका धर ने। पश्चिम बंगाल के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए लेखक व आइएएस अफसर संजय दीक्षित ने इस विज्ञप्ति को शेयर किया है। तीन सौ से ज्यादा लोगों ने इसे रि-टविट किया है। राज्य के एक बांग्ला न्यूज पोर्टल में भी यह खबर थी, जिसे बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया।
हालांकि पुलिस का कहना है कि अभियुक्त का इंटरनेट प्रोटोकाल (आइपी) नंबर खोजने में समस्या होती है। ज्यादातर मामलों में अमेरिकी आईटी संस्थाएं जानकारी देने में आनाकानी करती हैं। इससे देरी होती है। हालांकि आइपी एड्रेस के बगैर भी जांच की जा सकती है, लेकिन इसमें काफी देरी लगती है। बसीरहाट और घाटाल में इस मामले में सफलता मिली है, लेकिन क्या ईद की फर्जी छुट्टी के मामले में मदद मिलेगी या नहीं यह तो समय ही बताएगा।