---रंजीत लुधियानवी, 28 जून 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भारतीय जनता पापार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर हिंसा फैलाने का आरोप लगाते हुए उसे सत्ता से हटाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ रोकने और राज्य में सक्रिय माफियाओं पर अंकुश लगाने में नाकाम रही है। अपने दो-दिवसीय बंगाल दौरे के आखिरी दिन शाह झारखंड से लगे पुरुलिया जिले में पार्टी की एक रैली में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस सोचती है कि वह हिंसा की सहायता से राज्य की सत्ता में बने रह सकती है तो वे उसे चुनौती देते हैं कि यहां भाजपा कार्यकर्ताओं का बलिदान बेकार नहीं जाएगा और यह सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी। शाह ने पूर्व यूपीए सरकार के मुकाबले केंद्र से ज्यादा धन मिलने के बावजूद मोदी सरकार की योजनाओं को लागू नहीं करने के लिए भी ममता बनर्जी सरकार की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की विकास योजनाएं तृणमूल कांग्रेस सरकार की वजह से राज्य के लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने आंकड़ों के हवाले बताया कि यूपीए सरकार के दौरान 13वें वित्त आयोग ने राज्य को महज 1 लाख 32 हजार करोड़ रुपए दिए थे जबकि भाजपा की अगुवाई वाली सरकार में 14वें वित्त आयोग ने बंगाल को 3 लाख 60 हजार करोड़ की रकम दी है। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में बंगाल का विकास नहीं हुआ है लेकिन तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को ज्यादा अधिकार मिल गए हैं। शाह ने कहा कि राज्य में तमाम फैक्टरियां बंद हो गई हैं। यहां सिर्फ बम बनाने वाली फैक्टरियां चल रही हैं।
इससे पहले कोलकाता से हेलीकाप्टर से बीरभूम जिले के तारापीठ पहुंचे अमित शाह ने भारी सुरक्षा के बीच मशहूर तारा मां मंदिर में पूजा-अर्चना की। अमित शाह के पहुंचने पर ढोल बजा कर उनका स्वागत किया गया। शाह ने मौके पर जुटी भीड़ की ओर हाथ हिला कर उनका अभिभावदन किया। भीड़ लगातार जय श्रीराम और भाजापा जिंदाबाद के नारे लगा रही थी। मंदिर पहुंचने पर पांच सेवायत और मंदिर समिति के सदस्य शाह को लेकर मंदिर के गर्भगृह में गए। भीतर पूजा-अर्चना करने और लगभग 25 मिनट मंदिर में गुजारने के बाद शाह ने तारापुर स्थित एक स्कूल में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं की एक बैठक को भी संबोधित किया।