---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 01 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
चौदहवें वित्त आयोग की ओर से राज्य को 2 लाख 53 हजार 837 रुपए दिए जा रहे हैं, इसमें 39 केंद्रीय परियोजनाओं को बंद करने के कारण और 26,389 करोड़ रुपए कम आ रहे हैं। इससे कुल राशि घट कर 2 लाख 27 हजार 448 करोड़ रुपए हो रही है। नवान्न की ओर से यह आंकड़े जारी किए गए हैं। मालूम हो कि भाजपा नेता अमित शाह ने दो दिवसीय बंगाल दौरे के दौरान दावा किया था कि केंद्र सरकार तीन लाख 60 हजार करोड़ रुपए दे रही है। जबकि यूपीए सरकार के दौरान तेरहवें वित्त आयोग की ओर से राज्य को महज एक लाख 32 हजार करोड़ रुपए दिए गए थे। लेकिन राज्य सरकार का कहना है कि तब राज्य को कुल मिलाकर 1 लाख 93 हजार 400 करोड़ रुपए मिले थे।
सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार की ओर से एक ओर 39 केंद्रीय परियोजनाओं को बंद कर दिया गया है। वहीं, 58 परियोजनाओं में राशि कम कर दी गई है। ऐसी परियोजनाओं में जंगल महल विकास, माडल स्कूल बनाना, पुलिस का आधुनिकीकरण, खाद्य प्रसंस्करण, ई गवर्नेंस एक्शन प्लान, पर्यटन ढांचागत विकास शामिल है। पहले केंद्र सरकार कई परियोजनाओं में 90 फीसद राशि देती थी और राज्य को 10 फीसद देना पड़ता था। केंद्र सरकार ने अपनी राशि को घटाकर कहीं 60 फीसद तो कहीं 50 फीसद कर दिया है। आबंटन कम करने के कारण राज्य को 3185 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है।
राज्य के वित्त विभाग की ओर से बताया गया है कि जेएनएनयूआरएम जैसी परियोजनाओं में ढांचागत विकास की कई परियोजनाओं को केंद्र ने बंद कर दिया है। हालांकि राज्य सरकार ने 18 हजार करोड़ रुपए का खुद का ढांचागत फंड बनाया है, इससे रास्ता, फ्लाईओवर जैसे काम किए जाएंगे।
राज्य के सूत्रों का कहना है कि देश भर में जीडीपी या देश का उत्पादन वृद्धि का प्रतिशत घट गया है। आंकड़ों के मुताबिक 2013-14 में 7.7 फीसदी का आंकड़ा नीचे आकर 6.6 फीसद हो गया है। इसके कारण डेढ़ लाख हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। कृषि में उत्पादन वृद्धि की दर 2013-14 में 15 फीसद थी, जो 2017-18 में घट कर 4.5 फीसद रह गई है। इसी तरह, बिजली, गैस, जलापूर्ति में जीडीपी वृद्धि दर 20.8 फीसद थी जो अब घट कर 6.7 फीसद हो गई है।
वित्त मंत्री अमित मित्र के मुताबिक प्रति व्यक्ति जीडीपी दर 6.85 फीसद से घट कर 5.25 फीसद हो गई है। नोटबंदी और जीएसटी के कारण आतंरिक उत्पादन घट गया है। केंद्र सरकार की ओर से रोजगार के मामले में स्वनिर्भर होने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन 2014 में ऋण लेने वालों का प्रतिशत 9 फीसद था, वह घट कर 5 फीसद रह गया है। 1 अप्रैल से लेकर 1 जुलाई 2017 के महज तीन महीनों के भीतर नोटबंदी के लिए 87 हजार लोग बेरोजगार हो गए हैं। केंद्र सरकार के लेबर ब्यूरो की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। इतना ही नहीं, केंद्रीय विजीलेंस आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2015 के मुकाबले 2017 में केंद्र सरकार में भ्रष्टाचार 67 फीसद बढ़ा है। रेलवे में ज्यादा भ्रष्टाचार चल रहा है। भाजपा सरकार के दौरान नन परफार्मिंग एसेट 2013-14 के मुकाबले 2017-18 में 2 लाख 9 हजार करोड़ से बढ़कर 9 लाख एक हजार करोड़ हो गई है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि जीएसटी से हवाला कारोबार में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शुरू से ही जीएसटी के पक्ष में थी, लेकिन जिस तरह हड़बड़ी में इसे लागू किया गया इससे कारोबार को भारी नुकसान हुआ है। ढांचागत विकास किए बगैर जीएसटी लागू करने के कारण ही देश में भारी घाटा हुआ है। जबकि सही तरीके से लागू किए जाने पर इसके फायदे हो सकते थे।