---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 04 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
पश्चिम बंगाल सरकार ने स्नातकोत्तर में भर्ती की प्रक्रिया में आमूल चूल परिवर्तन कर दिया है। इस व्यवस्था के तहत कालेज में एडमिशन से पहले वेरिफिकेशन और काउंसिलिंग की प्रक्रिया को बंद कर दिया गया है। नई प्रक्रिया के तहत भर्ती के लिए आवेदन करने से लेकर बैंक में जमा करने की पद्धति पूरी तरह से आनलाइन होगी। काउंसिलिंग के माध्यम से भर्ती की प्रक्रिया ही बंद कर दी गई है। कालेजों में दाखिला मेधा तालिका के मुताबिक होगा। कालेज में तालिका में चुने गए छात्र-छात्राओं को एसएमएस के माध्यम से संदेश भेजा जाएगा कि आपका एडमिशन होना तय है। कक्षाएं शुरू होने के बाद वेरिफिकेशन होगा। इस तरह कालेज शुरू होने से पहले अब छात्र-छात्राओं को कालेज जाने की जरुरत ही नहीं है। नया नियम इसी शिक्षा वर्ष से लागू कर दिया गया है।
मालूम हो कि मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एलान किया था कि कालेजों में अब काउंसिलिंग नहीं होगी, बैंक में सीधे रूपए जमा करने होंगे। मेधा के मुताबिक कालेजों में छात्र-छात्राओं की सूची लगाई जाएगी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग की ओर से भी इस मामले में विज्ञप्ति जारी की गई। शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति में साफ तौर पर बताया गया है कि भर्ती की सारी प्रक्रिया ही आनलाइन होगी। एडमिशन की फीस भी कालेज में नहीं आन लाइन के माध्यम से बैंक में जमा होगी। छात्र-छात्राओं को वेरिफिकेशन और काउंसिलिंग के लिएकालेज में नहीं बुलाया जाएगा। मेधा के आधार पर ही भर्ती होगी। अगर किसी तथ्य के बारे में जानकारी हासिल करने की जरुरत महसूस हो, तब भी विद्यार्थी के साथ फोन पर बातचीत करके या ईमेल के माध्यम से की जाए। कक्षाएं शुरू होने के बाद ही वेरिफिकेशन की जाए। यह नियम स्नातक के साथ ही स्नातकोत्तर स्तर की भर्ती में भी मान्य होगा।
शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि हम नहीं चाहते कि काउंसिलिंग हो और मुख्यमंत्री भी हमारी बात से सहमत हैं। मेधा तालिका कालेज की वेबसाइट पर जारी की जाएगी। भर्ती का इकलौता तरीका मेधा है। सरकार इस मामले में बहुत सख्त है। कालेज की ओर से सूचना दी जाएगी कि कुल सीटें, आनर्स की सीटें कितनी हैं। मेधा के आधार तक कालेजों की ओर से तालिका प्रकाशित की जाएगी। इस सूची में शामिल लोगों को एसएमएस या दूसरे किसी माध्यम से सूचित किया जाएगा। वे लोग रकम बैंक में जमा करेंगे। रकम लेने के समय बैंक में वेरिफिकेशन हो सकती है, लेकिन वहां नहीं होने पर कक्षाएं शुरू होने के बाद वेरिफिकेशन होगी।