---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 13 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
राज्य सरकार की ओर से परिवर्तन की नीति के तहत उत्तर बंगाल में अलग राज्य की मांग को लेकर आतंक फैलाने वाले उग्रवादियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित करने के बाद उन्हें नौकरियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कामतापुर लिबरेशन आॅगेर्नाइजेशन (केएलओ) के आत्मसमर्पण करने वाले 36 आतंकवादियों को होमगार्ड की नौकरी प्रदान की है। इसमें 21 अलीपुरदुआर और 15 जलपाईगुड़ी जिले के रहने वाले हैं। सिलीगुड़ी स्थित मिनी सचिवालय में प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनमें से केएलओ के 36 पूर्व सदस्यों को होमगार्ड की नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा। इस दौरान पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ उत्तर बंगाल के कई मंत्री भी मौजूद थे। केएलओ लंबे समय से अलग राज्य कामतापुर या ग्रेटर कूचबिहार की मांग कर रहा है। हाल ही में इसके चार सदस्यों को सीआइडी ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार उग्रवादियों में सरगना निर्मल राय उर्फ निर्मल बाबा भी शामिल था। इन सभी को सीआइडी ने हिरासत में रखा है।
मालूम हो कि नौकरी पर नियुक्ति किए जाने वाले ज्यादातर लोगों को आपरेशन फ्लस आउट के दौरान 2003-2004 के दौरान रायल भूटान आर्मी की ओर से गिरफ्तार किया गया था। नौकरी मिलने पर पूर्व आतंकवादियों ने संतोष प्रकट किया। एक व्यक्ति का कहना था कि हम लोगों ने 15 साल तक अपनी मांग को लेकर आंदोलन किया था। हमारी तरह कुछ और लोग भी यह काम अब छोड़ चुके हैं, उन्हें भी नौकरी प्रदान की जानी चाहिए।