---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 16 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
राज्य सरकार की ओर से महीना भर पहले बस-मिनी बस-लांच समेत जन परिवहन से जुड़े सभी वाहनों का किराया बढ़ाने का एलान किया गया था। लेकिन महीना बीतने के बाद भी विभिन्न-विभिन्न रूटों की बसों का किराया बढ़ाए जाने का सिलसिला चल ही रहा है। कुछ रूट में भाड़ा दूसरे दिन, तो कहीं चार-पांच दिन बाद बढ़ाया गया था। आंदुल स्टेशन रोड से चलने वाली बसों का किराया सोमवार से बढ़ाया जा रहा है।
मालूम हो कि पेट्रोलियम पदार्थों की लगातार बढ़ती जा रही कीमत के बाद परिवहन विभाग से जुड़े लोगों की ओर से बीते तीन-चार साल से लगातार किराया बढ़ाने की मांग के बाद राज्य सरकार ने किराया वृद्धि का एलान किया। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत बढ़ने को लेकर बीते महीने ही राज्य में बसों का किराया प्रति चरण एक रुपए के हिसाब से बढ़ाया गया। इसी कड़ी में अब एसी बसों का किराया भी बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में राज्य परिवहन विभाग की ओर से विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें प्रति चरण किराया 5 रुपए बढ़ाने की घोषणा की गई है। अब वोल्वो एसी बस में चढ़ने पर न्यूनतम 30 रुपए किराया अदा करना होगा। वहीं, दूसरी एसी बसों के लिए न्यूनतम किराया 15 रुपए से बढ़कर 20 रुपए हो गया है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से बीती 11 जून को बस, मिनी बस व टैक्सी का किराया बढ़ाने का एलान किया गया था। कहा गया था कि प्राइवेट बस का न्यूनतम किराया अब 6 रुपए के बजाय 7 रुपए और मिनी बस का न्यूनतम किराया 7 रुपए से बढ़कर आठ रुपए हो गया है। लेकिन एक महीने बाद भी कुछ रूटों की किराया वृद्धि जारी है तो दूसरी ओर प्रतिदिन किराए को लेकर यात्रियों और बस कंडक्टरों में विवाद है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।
आंदुल स्टेशन रोड से चलने वाली सफेद रंग की बस, जिसका किराया मिनी बस के समान ही बढ़ता है। यहां सोमवार से भाड़ा बढ़ाने का बस मालिकों की ओर से फैसला किया गया है। रविवार को कुछ यात्रियों के पूछने पर कंडक्टर का कहना था कि एक रुपए किराया वृद्धि हमें स्वीकार नहीं थी, इसलिए सारा कुछ तय होने के बाद किराया बढ़ाया गया है। इसके तहत कहीं दो रुपए तो हीं तीन-चार रुपए किराया वृद्धि होगी।
ऐसी ही धुलागढ़ से नयावाद की ओर जाने वाली एक बस की ओर से आलमपुर से अंकुरहाटी मोड़ तक न्यूनतम किराया 9 रुपए वसूल किया जा रहा है। पहले इस रूट वाले तीन किलोमीटर के लिए 7 रूपए किराया वसूल करते थे। साल्टलेक से सांतरागाछी का किराया पहले 15 रुपए था, अब यह 21 रुपए वसूल किया जा रहा है। लोगों को समझ ही नहीं आ रहा है कि आखिर किराया वृद्धि का तरीका क्या है और राज्य सरकार की ओर से घोषित एक रूपए प्रति स्टेज वृद्धि का मतलब क्या है ?
धुलागढ़ से नयावाद जाने वाली एक बस का किराया पहले आलमपुर से लेकर डनलप तक 12 रुपए था। किराया वृद्धि के बाद जारी किए चार्ट में न तो आलमपुर का नाम है और न ही डनलप का नाम है। धुलागढ़ से लेकर दुर्गानगर बस स्टाप का नाम है और किराया 21 रुपए बताया जा रहा है। ऐसे ही पांचला से लेकर डनलप तक चलने वाली 79 नंबर रूट की बस का किराया 12 रुपए के बजाए 20-21 रुपए दिख रहा है।
सरकारी चार्ट को लेकर हो रहे विवाद के बाद कुछ रूट में बस मालिकों की ओर से अपने चार्ट जारी किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर सरकारी चार्ट में कहीं 12 रुपए का किराया 20-21 रुपए दिखाया गया था तो इस चार्ट में उसे घटा कर 17-18 रुपए कर दिया गया है। ऐसे में कंडक्टर 15-16 रुपए किराया वसूल करते हुए लोगों पर एहसान कर रहे हैं कि जनता की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए मालिकों ने किराए में खास कमी की है।
मालूम हो कि बस किराए के बारे में राज्य सरकार की ओर से वेबसाइट पर चार्ट जारी नहीं किए गए हैं, जिस तरह मुंबई या दूसरे शहरों की ओर से किए जाते हैं। इससे किराए को लेकर विवाद लगातार जारी है और माना जा रहा है कि सोमवार के एक रूट की बस में किराया बढ़ने के बाद फिर विवाद जोर पकड़ेगा।