विद्यार्थी परिषद ने भी प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा



वाराणसी, 26 सितम्बर। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छेड़खानी के विरोध में धरना दे रही छात्राओं पर हुए बर्रबर लाठीचार्ज के विरुद्ध विद्यार्थी परिषद ने भी मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय विभाग की ओर से भारत कला भवन के पास धरना शुरु कर दिया गया है।

धरना के तीसरे दिन सोमवार को हुई सभा में वक्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मामले की लीपापोती की गई तो इसके गंभीर परिणाम होगे। वक्ताओं ने यह भी कहा कि जिस तरह से छेड़खानी के हुए मामले को लेकर विभिन्न छात्र संगठन के लोग अपने अपने व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करने के अवसर के रूप में देख रहे है। वह बहुत ही निंदनीय है। जहां एक ओर छात्राओं के सुरक्षा की मांग को लेकर शांति रूप से बैठकर आंदोलन कर रही थी, विश्वविद्यालय प्रशासन चाहता तो अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उस पर कार्यवाही कर सकती थी।उन्होंने मौका दिया, अन्य बाहरी लोगों को अपनी व्यक्तिगत लाभ सिद्ध करने के लिए क्योंकि उनकी इतनी औकात नहीं है कि छात्राओं की इतनी भीड़ जुटा पाए। इस मौके को लाभ के रूप में देखते हुए। जबकि उनका मकसद छात्राओं के साथ न्याय का नही बल्कि उन्हें बरगलाकर विश्वविद्यालय के छवि को बदनाम करना था। मैं उनसे यह पूछने चाहता हूँ यदि वह छात्राओं की सुरक्षा को लेकर इतना ही जागरूक थे तो विश्विद्यालय के छात्र एवं छात्राओं के सुरक्षा के लिए कितनी बार लिखित रूप से अवगत कराया गया है और जहां तक विद्यार्थी परिषद पर जो आरोप लगाए जा रहे है इस बात का खंडन करते हुए यह बताना चाहता हूँ की विद्यार्थी परिषद जब से काम कर रही है तब से वह छात्र छात्राओं के हित के लिए काम करती रही है और वह भी बहुत ही अनुशासनिक तरीके से, इस बात का सबूत है कि अभी कुछ दिन पहले ही 8 सितंबर को छात्र छात्राओं से जुड़ी समस्याओं को पहले ही अवगत करा चुके थे जिसमें छात्राओं की सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी मांग थी तथा प्रशासन को 15 दिन के अंदर कार्यवाही करने का अल्टीमेटम दिया गया था परन्तु प्रशासन की निष्क्रियता का परिणाम हमे 21 तारीख को देखने को मिला।

इस घटना के प्रथम दिन से ही विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा कर्मियों एवं अधिकारियों से बात कर उसका हल निकालने के लिए कहा इसके बाद भी प्रशासन को होश नहीं आया और इसका उत्तर छात्राओं पर लाठीचार्ज करा कर दिया गया। अपने नाकामियों को छुपाने में लग गए परन्तु अब विद्यार्थी परिषद छत्राओं के साथ हुए बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज के विरोध में एवं उनके सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लिए पूरे विश्वविद्यालय में ही नहीं बल्कि पूरे देश में आंदोलनरत है। जब तक कार्यवाही नहीं होगी इस आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

* क्या है विद्यार्थी परिषद की चार सूत्रीय मांग :-

1. पूरे घटना को ध्यान में रखते हुए मानव संसाधन मंत्रालय एक तथ्य अन्वेषण समिति का गठन कर तय समय के अन्दर जांच कर दोषियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए।

2. विद्यार्थी परिषद राज्य सरकार से यह मांग करती है कि मामले को संज्ञान में लेते हुए न्यायिक जांच कराए और दोषियों पर कठोरतम कार्यवाही की जाय।

3. काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हो रहे लगातार घटनाओं को रोक पाने में असफल चीफ प्रॉक्टर समेत पूरे प्रोक्टोरियल बोर्ड को बर्खास्त किया जाए।

4. छात्राओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए परिसर में सीसीटीवी एवम स्ट्रीट लाइट की व्यस्था तत्काल प्रभाव से चालू की जाय।

धरना में मुख्य रूप से प्रदेश मंत्री भूपेंद्र सिंह, विभाग संयोजक चक्रपाणि ओझा, विभाग संगठन मंत्री घनश्याम शाही, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमृतय उपाध्याय, नितेश अगृहरि, सौरभ राय, शुभमनंद तिवारी, समीर सिंह, यशवंत सिंह, वरूण पांडेय, विकास, सन्नी पांडेय मौजूद रहे।

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