---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 16 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
पाक्सो कानून में झूठा मामला दायर करने के मामले में अदालत ने एक महिला को दो महीने की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त को निर्दोष मानते हुए रिहा करने का निर्देश दिया है। अदालत की ओर से शिकायत करने वाली महिला को सजा सुनाते हुए पांच हजार रुपए का जुर्माना देने का भी निर्देश दिया है। जुर्माना नहीं देने पर 10 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सियालदह के प्रथम अतिरिक्त जिला व दायरा न्यायधीश जे• विश्वास ने फैसला सुनाते हुए शिकायत करने वाली महिला रूपा दास को कहा कि आपके झूूठे मामले के कारण एक व्यक्ति को 70 दिन तक जेल में रहना पड़ा। क्या आप उस व्यक्ति के वह मुल्यवान दिन लौटा सकेंगी? इस मामले में अभियुक्त संजय शर्मा (44) को अदालत ने रिहा करने का निर्देश दिया। अभियुक्त के वकील की ओर से अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा गया है कि भविष्य में इस तरह कोई झूठी शिकायत करने के पहले सौ बार जरुर सोचेगा।
सूत्रों ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि फूलबगान इलाके में 05 जून को एक सेलुन के दुकानदार के खिलाफ महिला ने शिकायत करते हुए कहा था कि उसकी 8 साल की बच्ची सेलून में बाल कटवाने के लिए गई थी, जहां उसका यौन शोषण किया गया। हालांकि अदालत में महिला ने माना कि गुस्से में उसने उक्त व्यक्ति के खिलाफ झूठी शिकायत की थी। यह सुन कर न्यायधीश में अभियुक्त को रिहा करने के साथ महिला को दो महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके साथ ही चेतावनी देते हुए कहा गया कि भविष्य में अगर ऐसी शिकायत की तब कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कानून के एक जानकार ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहली बार पाक्सो कानून में मामला करने वाले किसी व्यक्ति को जेल जाना पड़ा है। अब जेल से रिहा हुआ व्यक्ति अगर चाहे वह महिला के खिलाफ मानहानि का मामला कर सकता है।