---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 20 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
राज्य के बांग्ला माध्यम वाले स्कूलों की एक पुस्तक में ओलंपियन मिल्खा सिंह की जगह अभिनेता फरहान अख्तर की तस्वीर छापने के मामले के खुलासे के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा है कि वह पुस्तक न तो सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा है और न ही उसे सरकार ने छापा है। तृणमूल कांग्रेस नेता ने अभिनेता फरहान अख्तर को भरोसा दिया है कि सरकार उक्त पाठ्यपुस्तक छापने वाले प्रकाशक का पता लगा रही है। डेरेक ने अपने एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी से भी बात की है।
उन्होंने कहा कि सरकार निजी प्रकाशन कंपनी का पता लगा रही है। उससे भावी संस्करणों में उक्त गलती सुधारने को कहा जाएगा। इसके जवाब में अभिनेता फरहान ने भी अपने ट्वीट में डेरेक की प्रतिक्रिया की सराहना की।
ध्यान रहे कि रविवार को सोशल मीडिया पर यह गलती वायरल होने के बाद मिल्खा सिंह के जीवन पर बनी फिल्म भाग मिल्खा भाग में उनका किरदार निभाने वाले फरहान ने ट्वीट के जरिए शिक्षा मंत्री और डेरेक का ध्यान इस गलती की ओर आकर्षित किया था। फरहान ने एक यूजर लाइफ घोष के इस मुद्दे पर ट्वीट को री-ट्वीट भी किया था। घोष ने अपने ट्वीट में कहा था कि पश्चिम बंगाल की एक पाठ्य पुस्तक में मिल्खा सिंह की जगह फरहान की तस्वीर छपी है। ऐसी गलतियां यहां आम हो गई हैं। फरहान ने शिक्षा मंत्री से इस गलती को तुरंत सुधारने का अनुरोध किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा था कि क्या मंत्री जी प्रकाशक से तमाम पुस्तकों को वापस लेकर सही तस्वीर के साथ दोबारा छापने को कह सकते हैं? उनके ट्वीट को तीन हजार से ज्यादा लाइक मिले थे और इसे आठ सौ बार शेयर किया जा चुका था। कई लोगों ने इस बात पर हैरत जताई थी कि पुस्तक को छापने से पहले प्रूफ की गलतियों पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया।
तृणमूल कांग्रेस सांसद व पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने अपने जवाबी ट्वीट में इस गलती की ओर ध्यान दिलाने के लिए फरहान का आभार जताते हुए कहा था कि वे इस मामले को देख रहे हैं।