लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दिल्ली चलो जात्रा



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 20 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

पश्चिम बंगाल में बांग्ला नाटक (जात्रा) किसी समय लोगों के मनोरंजन का इकलौता साधन थे। अब टीवी चैनल और सोशल मीडिया के प्रचार-प्रसार के बावजूद राज्य में जात्रा का अस्तित्व बरकरार है। राज्य में भारी संख्या में मौजूदा हालात से लेकर इतिहास समाज को लेकर जात्राएं की जाती हैं। चितपुर की एक जात्रा संस्था ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की वाणी और आदर्श को लेकर दिल्ली चलो जात्रा का एलान किया है।

मालूम हो कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 21 जुलाई को महानगर में शहीद रैली के दौरान एलान किया था कि उन्नीस में पदार्पण करने के बाद उन्नीस की ब्रिगेड रैली का आयोजन किया जाएगा। 19 जनवरी को 2019 की ब्रिगेड में सभी विरोधी दल के लोगों को शामिल करके फेडरल फ्रंट की शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर ममता ने कहा था कि रैली में आने के दौरान देखा कि 20-25 लाख लोग तो महानगर में इधर-उधर थे, जिन्हें रैली स्थल पर पहुंचने का मौका नहीं मिल सका। दल का मानना है कि केंद्र में सत्ता परिवर्तन के लिए होने वाली रैली में 50 लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे। भले ही कुछ लोग दावे को अतिशयोक्ति मान रहे हैं लेकिन नाटक कंपनी ने ममता की पुकार पर दिल्ली चलो जात्रा का एलान कर दिया है।

एक सवाल के जवाब में जात्रा करने वाले एक अधिकारी का कहना है कि सोशल मीडिया के प्रभाव में लोक कला विलुप्त होती जा रही है। ऐसे में मौजूदा माहौल को लेकर की जाने वाली जात्रा लोगों को आसानी से अपनी ओर आकर्षित करती है। इसके माध्यम से राज्य सरकार के विकास कार्य को भी लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। कुछ दिन पहले झारग्राम में एक जनसभा में ममता ने लोगों से कहा था कि मुझ पर भरोसा रखें।

नाटक कंपनी का कहना है कि उसे भी भूला नहीं जा सकता। जात्रा के संचालक उत्तर माइति का कहना है कि भले ही मुख्यमंत्री के आह्वान पर यात्रा की जा रही है, लेकिन इसे देखने के लिए दूसरे दल के लोग भी जरुर आएंगे। उनका मानना है कि प्रत्येक शो के दौरान अगर तीन-चार लोग भी तृणमूल की विचारधारा के प्रति आकर्षित हों, जात्रा करना सफल हो जाएगा। मालूम हो कि जात्रा के संयोजक आशिस प्रमाणिक तृणमूल समर्थक के तौर पर जाने जाते हैं।

बीते 28 साल से जात्रा कर रही सीता घोष ममता का अभिनय कर रही हैं। उनका एक संवाद है कि गो रक्षकों का मुकुट पहन कर यह सरकार (केंद्र की भाजपा) दलितों पर चाबुक चला रही है। देश में अराजकता का माहौल व्याप्त है। भारत के लोगों से मेरी अपील है कि प्रतिवाद को हथियार बनाते हुए दिल्ली चलो। इसके पहले मा-माटी की लड़ाई और बांग्लार मसनदे ममता में ममता का अभिनय कर चुकी सीता टीवी पर तो ममता को गौर से देखती ही रहती हैं, इसके साथ ही उनकी सभाओं और पदयात्राओं में भी शामिल होती हैं। उनका कहना है कि दीदी की भूमिका से जैसे अभिनय में सफलता मिली है, वैसे ही लोगों में पहचान भी बढ़ी है।

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