नई दिल्ली/केरल, 20 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
॥■॥ केरल में राहत एवं बचाव कार्य जारी, खाद्यान्न और आवश्यक दवाएं भेजना जारी
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की आज यहां पांच दिन में पांचवीं बार बैठक हुई जिसमें केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की गई। मंत्रिमंडल सचिव पी• के• सिन्हा ने बैठक की अध्यक्षता की। केरल के मुख्य सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि वर्षा कम हुई है और बाढ़ का पानी घटना शुरू हो गया है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग ने आज 100 मीट्रिक टन दालें भेजीं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आपात स्थिति में काम आने वाली 52 मीट्रिक टन दवाएं भेजीं। अन्य 20 मीट्रिक टन दवाएं आज रात तक केरल पहुंच जाएंगी। 20 मीट्रिक टन ब्लीचिंग पाउडर और एक करोड़ क्लोरीन की टैबलेट भी कल भेजी जाएंगी। 12 चिकित्सा कर्मियों की टीम को तैयार रखा गया है। अब तक कहीं से कोई बीमारी फैलने की खबर नहीं मिली है।
दूरसंचार विभाग ने 77,000 टावरों (राज्य में कुल 85,000 टावरों में से) को काम करने लायक बना दिया है। 1407 टेलीफोन एक्सचेंजों में से 13 को छोड़कर सभी काम करने लगे हैं। दूरसंचार विभाग ने लापता व्यक्तियों का पता लगाने में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1948 दिया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 12,000 किलोलीटर कैरोसिन उपलब्ध कराया है। एलपीजी सिलेंडरों का वितरण करने के लिए भी पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। विमानों के लिए भी पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराया गया है।
मवेशियों के लिए 450 मीट्रिक टन चारा भेजा गया है। पशु चिकित्सा से जुड़ी दवाओँ की दो खेप भेजी जा चुकी है।
रेलवे ने पानी और राहत सामग्री की निःशुल्क आपूर्ति करने की पेशकश की है। पशु पालन और डेरी विभाग ने दूध और दूध के पाउडर की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराई है।
एनसीएमसी की बैठक में स्वास्थ्य, दूरसंचार, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण, बिजली, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के सचिव तथा रक्षा बलों, गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
॥■॥ एमओसीए से केरल की उड़ानों का अपडेट
कोच्चि हवाई अड्डे के बंद होने को देखते हुए तथा यह सुनिश्चित करते हुए कि यात्रियों को कोई असुविधा न हो, डीजीसीए ने अनुसूचित घरेलू एयरलाइंस को अतिरिक्त उड़ानों के लिए कहा है। कोच्चि से आने/जाने वाली निर्धारित घरेलू एयरलाइन के 71 आगमन एवं 74 प्रस्थानों में से 23 आगमनों और 24 प्रस्थानों को पुनर्निधारित कर दिया गया है तथा त्रिवेन्द्रम, कालीकट एवं कोयम्बटूर हवाई अड्डों से आने/जाने के लिए 19 आगमन/प्रस्थानों की व्यवस्था की गई है। कोच्चि ने परिचालित होने वाले 9 विदेशी कैरियर ने भी त्रिवेन्द्रम से आने/जाने के लिए अपनी उड़ानों को पुनर्निधारित किया है।
॥■॥ राज्यसभा के सभापति, लोकसभा अध्यक्ष ने सांसदों से केरल बाढ़ राहत के लिए उदारतापूर्वक दान देने की अपील की
उपराष्ट्रपति तथा राज्यसभा के सभापति एम• वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने संसद सदस्यों (राज्यसभा तथा लोकसभा) से अपनी-अपनी एमपीलैड निधियों से केरल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए उदारतापूर्वक दान देने का आग्रह किया और सांसदों से कहा कि इसके लिए वे एक महीने का अपना वेतन दें। संसद के दोनों पीठासीन अधिकारियों ने केरल में राहत कार्य के लिए एक महीने का अपना वेतन देने के निर्णय की घोषणा की।
उपराष्ट्रपति के सरकारी निवास पर श्री नायडू और श्रीमती महाजन की मुलाकात हुई तथा दोनों पीठासीन अधिकारियों ने संयुक्त अपील जारी करने से पहले केरल में नुकसान के बारे में विचार विमर्श किया। श्री नायडू द्वारा सांसदों से की गई अपील मीडिया के समक्ष जारी करते हुए कहा गया है-,
‘माननीय सदस्य अवगत हैं कि बाढ़ के कारण केरल के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर बर्बादी हुई है और लोगों की मृत्यु हुई है। संपत्ति को नुकसान के अतिरिक्त हजारों लोग फंसे पड़े हैं। केरल में बाढ़ की भयावह की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने इसे ‘गंभीर प्रकृति’ की आपदा घोषित किया है।’
संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के दिशा-निर्देशें के पैराग्राफ 2.8 में कहा गया है, -
‘देश के किसी भाग में गंभीर आपदा की स्थिति में संसद सदस्य प्रभावित जिले के लिए अधिकतम एक करोड़ रुपये तक के कार्यों की सिफारिश कर सकते हैं।’
हम संसद के सभी सदस्यों से एमपीलैड निधि से केरल के प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए धन देने की अपील करते हैं। यह एमपीलैड दिशा-निर्देशों के अंतर्गत अनुमति योग्य है।
हम दोनों ने इस नेक और मानवीय कार्य के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में अपना एक महीने का वेतन देने का निर्णय लिया है। हम संसद के सभी सदस्यों से एक महीने का वेतन देने पर विचार करने की अपील करते हैं।
श्री नायडू तथा श्रीमती महाजन उदार सहायता देने के लिए राज्यसभा तथा लोकसभा के सदस्यों को पत्र लिखेंगे, जिसमें आज की गई संयुक्त अपील को संलग्न किया जाएगा।
श्री नायडू के निर्देश पर राज्यसभा सचिवालय ने इस महीने की 16 तारीख को केरल में आपदा के आकार के सरकारी मूल्यांकन के बारे में गृह मंत्रालय को पत्र लिखा और सरकार ने स्पष्ट किया कि केरल में बाढ़/भूस्खलन की भयावह स्थिति को देखते हुए सभी व्यावहारिक उद्देश्य के लिए यह आपदा ‘गंभीर प्रकृति’ की आपदा है। श्री नायडू ने आज राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, वरिष्ठ अधिकारियों से भी बातचीत की। हरिवंश एमपीलैड समिति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने नुकसान की गंभीरता के बारे में राज्यसभा के पूर्व उपसभापति प्रो• पी• जे• कुरियन से भी बातचीत की। प्रो• कुरियन केरल में हैं।
एमपीलैड दिशा-निर्देशों के अनुसार सरकार यदि किसी आपदा को ‘गंभीर प्रकृति’ की आपदा घोषित करती है, तो संसद सदस्य राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये का योगदान कर सकते हैं। दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जिस दिन से संसद सदस्य ऐसा योगदान करेंगे, उसी दिन से संबंधित अधिकारी को एक महीने के अंदर राहत कार्यों को चिन्हित करना होगा और इस पर आठ महीने के अंदर अमल करना होगा।