नई दिल्ली/केरल, 21 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
॥■॥ जे• पी• नड्डा ने केरल में राहत कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे• पी• नड्डा ने केरल में राहत कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन तथा एनसीडीसी और डीजीएचएस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्री नड्डा ने कहा कि राज्य में महामारी फैलने की स्थितियों का दैनिक आधार पर बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य परिचालन केंद्र को सक्रिय कर दिया गया है। अभी तक संक्रामक रोग फैलने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वे केरल की स्वास्थ्य मंत्री के• के• शैलजा से निरंतर संपर्क में हैं और व्यक्तिगत रूप से स्थितियों का निरीक्षण कर रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव भी राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों से लगातार संपर्क में है और प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा कर रही हैं।
आपात स्थिति से निपटने के लिए आज भारतीय वायु सेना ने 65 मीट्रिक टन आवश्यक दवाओं की खेप को त्रिवेन्द्रम पहुंचाया। आज 1 करोड़ क्लोरीन के टैबलेट भेजे गए। अन्य एक करोड़ टैबलेट पहुंचने की प्रक्रिया में है। कुल 4 करोड़ क्लोरीन के टैबलेट का अनुरोध किया गया था, जिन्हें विभिन्न चरणों में भेजा जाएगा। 20 मीट्रिक टन ब्लीचिंग पाउडर को सड़क मार्ग से भेजा गया है। 10 मीट्रिक टन ब्लीचिंग पाउडर आज पहुंच जाएगा और शेष 10 मीट्रिक टन के कल तक पहुंचने की संभावना है। अन्य 40 मिट्रिक टन ब्लीचिंग पाउडर जल्द ही केरल पहुंच जाएगा।
इसके अतिरिक्त 12 सर्वाधिक प्रभावित जिलों के लिए 12 स्वास्थ्य टीमों का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त 10 विशेषज्ञ मेडिकल टीमों का गठन किया गया है (30 विशेषज्ञ और 20 जीडीएमओ)। इसके अलावा निमहान्स के मनोवैज्ञानिक-सामाजिक टीमों का गठन किया गया है।
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) ने कई स्वास्थ्य सुझाव जारी किए हैं। एनसीडीसी की टीमें राज्य में प्रतिनियुक्ति के लिए तैयार हैं। कर्नाटक के कोडागु में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बंगलौर से एक मेडिकल टीम कोडागु भेजी गई है।
॥■॥ हरसिमरत कौर बादल ने केरल के मुख्यमंत्री से बातचीत की, प्रदेश को अपने मंत्रालय की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया
केरलवासियों को दी जाने वाली सहायता की रणनीति बनाने के लिये केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कल देर शाम खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के नेतागणों से मुलाकात की। इस बैठक में आईटीसी, कोका कोला, पेप्सी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, डाबर, एमटीआर नेस्ले, ब्रिटानिया, मैरिकोमॉंग तथा अन्य कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। उन्होंने कहा, "यह वक़्त अलग-अलग समूहों में व्यक्तिगत प्रयास करने की बजाय साथ मिलकर कार्य करने एवं केरल के लोगों की सहायता के लिये समन्वित प्रय़ास करने का है।" उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय वहां की आवश्यकताएं समझने के लिये प्रदेश सरकार एवं ज़िला अधिकारियों के नियमित सम्पर्क में है।
उन्होंने आपदा के बारे में अपनी चिंता ज़ाहिर करने के लिये केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से भी बातचीत की और प्रदेश सरकार को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने किस सहायता की फौरन ज़रूरत है यह जानने के लिये श्री विजयन की राय जानी, इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत शिविरों में लाखों शिशुओं को शिशु-आहार की आवश्यकता है। केंदीय मंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण कम्पनियों को इन ज़रूरतों के बारे में जानकारी दी है।
उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण कम्पनियों से राहत कार्य में दिल खोलकर योगदान देने की अपील की थी। इसके बाद 19 अगस्त, 2018 को यह बैठक आयोजित की गई थी। तत्पश्चात कम्पनियों ने बाढ़ प्रभावित जनता की सहायता के लिये खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के प्रयासों का पूरा साथ देने का वायदा किया है। कुछ योगदान, जो पहले ही दिये जा चुके हैं अथवा जिनकी आपूर्ति अगले दो दिन में करने का वायदा किया गया है, निम्न हैं :
● कोक
1.4 लाख लीटर बोतल बंद पानी की आपूर्ति की जा चुकी है
कल 20,000 लीटर समेत 1 लाख लीटर बोतल बंद पानी की आपूर्ति अगले दो दिन में की जाएगी
● ब्रिटानिया
बिस्किट के 2.10 लाख पैकेट (6.5 टन) कोच्चि में पहले ही वितरित किये जा चुके हैं, 1.25 लाख पैकेट मल्पुरम एवं वेयानाड में दिये जा चुके हैं ।
1.25 लाख बिस्किट के पैकेट अगले दो दिन में वितरित किये जाने है।
3000 बन एवं बिस्किट के 10,000 पैकेट की मदुरै से आपूर्ति की जानी है
● बीकानेरवाला
सीआईआई से समन्वय के साथ 1 मीट्रिक टन नमकीन (1 लाख पैकेट) की आपूर्ति
एमटीआर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड
वेयनाड में 35,000 तैयार खाने के पैकेट पहले ही बांटे जा चुके हैं
● नेस्ले
मैगी के 90,000 पैकेट, मंच के 2 लाख पैकेट, कॉफी के 1100 पैकेट, यूएचटी दूध के 2500 पैकेटों की आपूर्ति पहले ही की जा चुकी है
मैगी के 40,000 पैकेट, मंच के एक लाख पैक, कॉफी के 1100 पैक एवं पीने-को-तैयार यूएचटी दूध के 2500 पैक, माइलो के 30,000 पैक, सेरिगो के 10,000 पैक की आपूर्ति की जाएगी
● डाबर
30,000 से 40,000 लीटर टेट्रा-पैक जूस
ओडोमॉस की 10,000 ट्यूबें
● पेप्सिको
6.78 लाख लीटर बोतल बंद पानी, 10,000 किलोग्राम क्वैकर ओट्स
● जीएसके
10 लाख रुपये की राहत सामग्री, हॉर्लिक्स के 1 मिलियन पैकेट एवं 1 मिलियन क्रोसीन टैबलेट की आपूर्ति की जाएगी
● बैग्रीज़ इण्डिया लिमिटेड
ओट्स के 10,000 पैकेट्स (2 एमटी) आपूर्ति की जाएगी
● आईटीसी
बिस्किट के 3.30 लाख पैकेट, सैवलॉन की 2000 बोतलें, डेयरी व्हाइटनर के 3000 पैकेट, लिक्विड हैण्ड वॉश के 9000 पैकेट एवं 7000 साबुन
● पेर्नार्ड रिकॉर्ड एण्ड कारगिल
दूध पाउडर एवं बच्चों के आहार की आपूर्ति के लिये अमूल के साथ समन्वय करने का वायदा किया
● मैरिको
एमटी ओट्स की आपूर्ति की प्रतिबद्धता
● मॉन्डेल्ज़ इण्डिया फूड्स लिमिटेड
मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपये का नकद योगदान
● हिंदुस्तान यूनिलीवर
नमक के 9500 बॉक्स, गेहूं से निर्मित उत्पादों के 29000 बॉक्स, कैचअप के 1,000 बॉक्स, मिक्स मसाले के 250 बॉक्स और अन्य उत्पाद समूचे केरल में आपूर्ति किये गए।
केंद्रीय मंत्री ने अपनी ओर से निम्न अधिकारी को इन प्रयासों का समन्वय करने का उत्तरदायित्व प्रदान किया है। उद्योग जगत योगदान के लिये इनसे सम्पर्क कर सकते हैं।
1. अत्यानंद, उप सचिव (8800485805)
॥■॥ केरल के तीन टोल प्लाजा में शुल्क माफ
केरल में अभूतपूर्व बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा राज्य के तीन टोल प्लाजा में शुल्क माफ कर दिया गया है। ये तीन टोल प्लाजा हैं:- त्रिचूर जिले में स्थित पलिएकरा प्लाजा, पलकम जिले का पमपमपल्लम प्लाजा और कोचीन जिले का कुम्बलम प्लाजा। यह पिछले सप्ताह प्रभावी हुआ है और इस सप्ताह के अंत (26 अगस्त, 2018) तक जारी रहेगा।
भारी वर्षा/जलाशयों द्वारा पानी छोड़े जाने से एनएच-544 (अलूवा के निकट) समेत राज्य के कई राजमार्ग बाढ़ की चपेट में हैं।
॥■॥ रेल मंत्रालय ने बाढ़ से निपटने के लिए केरल के लोगों को हरसंभव सहायता दी
पिछले एक सप्ताह से केरल में भारी वर्षा और राज्य के करीब 36 बांधों को खोल दिए जाने के कारण बाढ़, भूस्खलन, पटरियों पर बड़े पत्थर गिरने के कारण दक्षिण रेलवे की तीन डिवीजनों में 16 अगस्त, 2018 से सामान्य सेवा यातायात प्रभावित हुई जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
तिरुवनंतपुरम डिवीजन में 11 पुलों में पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया, 3 स्थानों पर पटरियां पानी में डूब गई, तटबंध बह गए, विभिन्न खंडों पर 7 स्थानों में जमीन खिसक गई।
पलक्क्ड़ डिवीजन में 10 पुलों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा और एक स्थान पर पटरी पानी में डूब गई।
मदुरै डिवीजन में 6 स्थानों में जमीन खिसक गई और पत्थर गिरे
रेलवे के दल ने बाढ़ प्रभावित स्थानों में इन बाधाओं को हटाने के लिए 24 घंटे समर्पित भाव से काम किया और केरल के सभी प्रमुख मार्गों को 20 अगस्त से इस प्रकार खोल दिया गया :
Ø तिरुवनंतपुरम (टीवीसी) से नागरकोइल (एनसीजे) सेक्शन पर 15 अगस्त को सुबह 7.00 बजे ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया था जिसे 16 अगस्त को सुबह 9.30 बजे दुरुस्त घोषित कर दिया गया।
Ø एर्नाकुलम (ईआरएस) – कोट्टायम (केटीवाईएम) सेक्शन पर 16 अगस्त को शाम 4.00 बजे ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया था जिसे 19 अगस्त को रात 8.00 बजे दुरुस्त घोषित कर दिया गया।
Ø एर्नाकुलम (ईआरएस) – शोरानूर (एसआरआर) पर 16 अगस्त को दोपहर 12.00 बजे ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया था जिसे 19 अगस्त को रात 9.15 बजे दुरुस्त घोषित कर दिया गया।
Ø पलक्कड़ (पीजीटी) – शोरानूर (एसआरआर) पर 16 अगस्त को शाम 4.00 बजे ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया था जिसे 18 अगस्त को सुबह 8.15 बजे दुरुस्त घोषित कर दिया गया।
Ø कॉलम (क्यूएलएन)- पूनालुर (पीयूयू) सेक्शन को 20 अगस्त को दुरुस्त घोषित कर दिया गया।
Ø पूनालुर (पीयूयू) – सेनकोट्टई (एससीटी) और त्रिचूर (टीसीआर) – गुरुवयूर (जीयूवी) शाखा लाइन को भारी नुकसान पहुंचा और बड़ी संख्या में बड़ी चट्टानें गिरी। इस पर युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है और इसके दो-तीन दिन में चालू होने की उम्मीद है।
(ड.) पटरियों की मरम्मत के लिए चौबीस घंटे कुल 9 ट्रैक मशीनें लगाई गईं है।
(च) पत्थर, रेत और रोड़ी लेकर 7 विशेष ट्रेनें प्रभावित मार्गों और तटबंधों की मरम्मत के लिए भेजी गई हैं।
(छ) करीब 30 अधिकारियों, 45 पर्यवेक्षकों और करीब 450 रेलवे कर्मचारियों का एक दल वर्षा और बाढ़ के बीच समर्पण की भावना से चौबीस घंटे काम कर रहा है और प्राथमिकता के आधार पर पटरियों की मरम्मत के कार्य में लगा हुआ है ताकि केरल को संकट की इस घड़ी में देश के अन्य भागों से जोड़ा जा सके।
(ज) कुछ को छोड़कर लगभग सभी ट्रेन सेवाएं आज से बहाल कर दी गई हैं।
केरल में फंसे यात्रियों की मदद के लिए विशेष ट्रेनें:
Ø बाढ़ में फंसे यात्रियों से संपर्क करने के लिए तिरुवनंतपुरम और पलक्कड़ डिवीजन में 61 स्पेशल यात्री ट्रेनें चल रही हैं। राहत और बचाव दल ने लोगों की आवाजाही के लिए खासतौर से तिरुवनंतपुरम –एर्नाकुलम सेक्शन को प्रत्येक तीन घंटे पर अलैप्पी के रास्ते विशेष यात्री ट्रेनों से जोड़ा है जो बाढ़ से प्रभावित नहीं रहा।
Ø 13 एक्सप्रेस विशेष रेलगाडि़यां एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम से मदुरै के रास्ते 17 अगस्त से 20 अगस्त से चल रही हैं। उपरोक्त में से,
Ø 4 ट्रेनें एर्नाकुलम से चेन्नई एगमोर,
Ø 3 ट्रेनें एर्नाकुलम से सांत्रागाची,
Ø 1 ट्रेन तिरुवनंतपुरम और हावड़ा के बीच,
Ø 1 ट्रेन तिरुवनंतपुरम और सिल्चर के बीच,
Ø 1 ट्रेन तिरुवनंतपुरम से गोरखपुर,
Ø 1 ट्रेन कोचूवेली और भुवनेश्वर के बीच,
Ø 2 ट्रेनें चेन्नई एगमोर से एर्नाकुलम के बीच चल रही हैं,
Ø इनमें से तीन विशेष ट्रेनें पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम से सांत्रागाची के बीच चल रही हैं,
Ø 1 विशेष ट्रेन उड़ीसा सरकार के अनुरोध पर कोचूवेली, तिरुवनंतपुरम से भुवनेश्वर के बीच आज चली।
केरल के लिए पानी के तीन विशेष रेक:
Ø दक्षिण रेलवे ने 18 अगस्त को इरोड जंक्शन स्टेशन से कायनकुलम के लिए 2.8 लाख लीटर पानी के साथ 7 बीआरएन डिब्बों वाली पहली विशेष ट्रेन भेजी।
Ø इरोड से दूसरी विशेष ट्रेन 20 अगस्त को 3.2 लाख लीटर पानी के साथ तिरुवल्ला पहुंच गईं।
Ø तीसरी विशेष ट्रेन को 14.4 लाख लीटर पानी के 29 वैगनों के साथ 18 अगस्त को पुणे से भेजा गया और वह 20 अगस्त को एर्नाकुलम पहुंच गईं।
Ø राज्य सरकार के अनुरोध को पूरा करने के लिए रेलवे कुछ और पानी की विशेष ट्रेनें चला रहा है।
दक्षिण रेलवे के आईआरसीटीसी संयंत्रों से रेल नीर की 3 लाख बोतलें :
Ø रेलवे ने बाढ़ प्रभावित केरल के लिए तिरुवनंतपुरम डिवीजन के जरिए रेल नीर की 1 लीटर वाली 2 लाख बोतलों का प्रबंध किया है।
Ø 1 लाख अन्य बोतलें भेजने के लिए तैयार रखी गई हैं।
Ø मुख्यालय और डिवीजन स्तर पर रेलवे अधिकारी पानी की बोतलें गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के लिए केरल सरकार के अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं।
पेशेवर तैराकों की तैनाती :
Ø दक्षिण रेलवे के तिरुवनंतपुरम डिवीजन के पेशेवर 10 तैराक कर्मचारियों को राहत/बचाव कार्यों में मदद के उद्देश्य से 5 दिन के लिए पट्टनमथीटा जिले में तैनात किया गया है।
केरल के मुख्यमंत्री राहतकोष में योगदान :
Ø तिरुवनंतपुरम डिवीजन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बाढ़ पीडि़तों की सहायता के लिए केरल के मुख्यमंत्री राहत कोष में 65 लाख रुपये का योगदान दिया है। तिरुवनंतपुरम के डिवीजनल रेलवे प्रबंधक ने केरल के मुख्यमंत्री को 20 अगस्त, 2018 को चैक सौंपा।
छत्तीसगढ़ से चावल लेकर विशेष ट्रेन मुफ्त भेजी गई :
Ø छत्तीसगढ़ सरकार ने केरल के बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए रायपुर से 2500 टन चावल का एक रेक काझाकुटम भेजा है जिसके लिए केरल की रेलवे ने कोई मालभाड़ा नहीं लिया है।
केरल के लिए मुफ्त राहत सामग्री:
Ø रेलवे ने केरल के स्टेशनों के लिए 31 अगस्त, 2018 तक बाढ़ राहत सामग्री मुफ्त ले जाने का प्रबंध किया है।
Ø सरकारी एजेंसियों के अलावा डीएमआर द्वारा मंजूर प्रतिष्ठित संगठनों को बिना किसी लागत के राहत सामग्री केरल भेजने की इजाजत दी गई है।
Ø दक्षिण रेलवे के 11 प्रमुख पार्सल कार्यालयों में हेल्प डेस्क खोले गए हैं। ये हैं चेन्नई सेंट्रल, चेन्नई एगमोर, मदुरै तिरुचिरापल्ली, सेलम तिरुनेलवेली, विल्लुपुरम, करूर, तिरुपूर, इरोड़ और कोयम्बटूर स्टेशन।
जरूरतमदों को कम्बल और बैडशीट :
Ø तिरुवनंतपुरम डिवीजन द्वारा राहत अधिकारियों को 3000 बैडशीट और 300 कम्बल सौंपे जा चुके हैं।
Ø राहत अधिकारियों को सौंपने के लिए 4000 बैडशीटों और 700 कम्बलों का प्रंबध किया जा रहा है।
सहायता सामग्री के साथ दक्षिण पश्चिम रेलवे वीपीयू :
Ø चावल, दाल, सूजी, आटा, तेल, चीनी, वस्त्र, दवाओं, ब्लीचिंग पाउडर आदि सहित बाढ़ राहत सामग्री को लेकर एसडब्ल्यूआर द्वारा एक वीपीयू यशवंतपुर से पलक्कड़ डिवीजन भेजा गया।
जल शोधक और अन्य सामग्री :
Ø ट्रेन संख्या 12626 द्वारा भेजे गए 150 जल शोधक आज वितरण के लिए केरल के पीरावम रोड़ पहुंच गए।
Ø खाद्य पैकेट, दवाएं, सैनीटरी नैपकिन, बिस्कुट, साबुन आदि सामग्री नियमित अंतराल पर प्राथमिकता के आधार पर केरल भेजी जा रही है।
सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड सेवा जरिए दक्षिण रेलवे चिकित्सा सहायता :
Ø दक्षिण रेलवे ने प्रमुख रेलवे स्टेशनों जैसे तिरुवल्ला, कोट्टायम, एर्नाकुलम और चेंगानूर में प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र खोले हैं।
Ø 8 लाख रुपये मूल्य की चिकित्सा राहत सामग्री वितरण के लिए चेंगानूर ले जाई जा रही है।
दक्षिण रेलवे की हरसंभव तरीके से मदद:
Ø तिरुवनंतपुरम और पलक्कड़ नियंत्रण कार्यालय में विशेष नियंत्रण प्रकोष्ठ खोले गए हैं जिन्हें अधिकारियों/व्यावसायिक निरीक्षकों का सहयोग मिल रहा है।
Ø तिरुवनंतपुरम सेंट्रल, एर्नाकुलम जंक्शन, अलैप्पी, नागरकोइल, त्रिचूर, मेंगलोर सेंट्रल, कन्नूर, कोझीकोड़, पलक्कड़, शोरानूर स्टेशनों पर यात्रियों की मदद के लिए हेल्प डेस्क, पूछताछ केन्द्र, टिकट रिफंड काउंटर खोले गए हैं।
Ø रेल सेवाओं और राहत/मरम्मत कार्यों के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए प्रेस और मीडिया बुलेटिन जल्दी जल्दी जारी किए जा रहे हैं।
मुफ्त आश्रय का प्रबंध :
Ø दोनों डिवीजनों में सभी यात्रियों के लिए मुफ्त एसी वेटिंग हॉल खोले गए हैं।
Ø फंसे हुए यात्रियों को शोरानूर में पंचायत सामुदायिक केन्द्र स्कूलों में ठहराया गया है।
Ø चेंगानूर में रेलवे परिसरों में स्थित एक यात्री केन्द्र को राहत शिविर में बदल दिया गया है। वहां 200 से अधिक लोगों ने शरण ले रखी है। राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा खाद्य पैकेटों और पीने के पानी की व्यवस्था की गई है।
Ø फंसे हुए और रेलवे स्टेशनों विशेषकर तिरुवनंतपुरम डिवीजन के चलाक्कुडी और कोट्टायम सेक्शन और पलक्कड़ डिवीजन के शोरानूर स्टेशन में शरण लिए हुए लोगों को निकालने के लिए विभिन्न स्टेशनों और स्थानों पर स्टेशन कर्मचारी एनडीआरएफ अधिकारियों की सक्रिय होकर मदद कर रहे हैं।
खाद्यान का मुफ्त प्रबंध :
Ø सभी प्रमुख स्टेशनों, तिरुवनंतपुरम और पलक्कड़ में कैटरिंग प्रतिष्ठान चौबीस घंटे काम कर रहे हैं और भुगतान के आधार पर जरूरतमंदों को भोजन की आपूर्ति कर रहे हैं।
Ø पलक्कड़ डिवीजन में तिरुवनंतपुरम और शोरानूर के अलूवा – वडक्क्नचेरी सेक्शन में फंसे यात्रियों के लिए एनजीओ के जरिए खाद्य पैकेटों की आपूर्ति की जा रही है।
Ø शोरानूर – कालीकट सेक्शन में कार्यरत कर्मचारियों को खाद्य पैकेट वितरित किए गए हैं।
Ø 16 से 18 अगस्त, 2018 के दौरान चलक्कुड़ी और अलूवा में 12000 खाद्य पैकेटों की व्यवस्था की गई है।
Ø डिवीजनल कार्यालय के कर्मचारियों ने 4 लाख रुपये मूल्य की राहत सामग्री एकत्र की जिसे जिला प्रशासन को सौंप दिया गया।
एनडीआरएफ/राज्य सरकार के साथ एसआर के बचाव प्रयास :
Ø चलक्कुड़ी स्टेशन जो बाढ़ से घिर गया था, रेलवे कर्मचारियों ने एनडीआरएफ के अधिकारियों के साथ बचाव के अनेक प्रयास किए और रेलवे कर्मचारियों सहित अंतत: 50 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।
Ø 17 और 18 अगस्त को एर्नाकुलम के नजदीक टावर कार से करीब 1000 स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकाला गया। चोवारा स्टेशन से एक गर्भवती महिला को निकाला गया और हेलिकॉप्टर से त्रिचूर पहुंचाया गया जिसकी चौतरफा सराहना की गई।