---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 28 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
पश्चिम बंगाल में पंचायत के बोर्ड गठन का काम जोर शोर से चल रहा है। ऐसे में सभी किसी न किसी तरह बोर्ड गठन की कोशिश में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि इसके लिए जहां साम-दाम-दंड-भेद की बातें चल रही हैं वहीं राजनीतिक दल के नीति और आदर्शों को लोग ठेंगा दिखा रहे हैं। मालूम हो कि पंचायत चुनाव में पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के साथ कांग्रेस, भाजपा , माकपा के बीच था। इस चतुर्कोणीय मुकाबले में एक दूसरे के खिलाफ जमकर जहर उगलने वाले अब सत्ता हासिल करने के लिए एक दूसरे के करीब जाते दिख रहे हैं। सभी दलों का मकसद महज एक ही है कि किसी तरह से सत्ता हासिल की है।
मालूम हो कि मालदा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत में कांग्रेस ने जहां भाजपा को रोकने के लिए तृणमूल कांग्रेस के समर्थन का एलान किया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मौसम नूर ने कहा है कि पंचायत बोर्ड गठन के लिए हम खुल कर त्रिशंकु पंचायत में तृणमूल कांग्रेस का समर्थन करेंगे।
दूसरी ओर, फरक्का में कांग्रेस ने भाजपा के साथ गठजोड़ किया है। यहां तृणमूल कांग्रेस को रोकने के लिए दोनों दलों ने गठजोड़ किया है। इलाके के बेवा-2 ग्राम पंचायत में दोनों दलों के गठजोड़के बाद प्रधान कांग्रेस के छोटे मेहरा हुए हैं तो भाजपा की अनिता मंडल उप प्रधान बनी हैं। काग्रेस के जिला परिषद के सदस्य आसिफ इकबाल ने फरक्का के लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि लोगों के स्वार्थ और इलाके के विकास के लिए यहां के लोगों ने सत्ताधारी दल के आतंक को धत्ता बताते हुए हमें जीत दिलाई है।
उधर, राज्य में वाम-राम गठजोड़ भी किसी से पीछे नहीं है। भले ही दल की ओर से ऐसे किसी गठजोड़ को मंजूरी प्रदान नहीं की गई है और माकपा का मानना है कि भाजपा उनकी दुश्मन है। इसके बाद भी माकपा-भाजपा गठजोड़ लगातार बनता जा रहा है। बनगांव और झारग्राम में तृणमूल कांग्रेस को रोकने के लिए माकपा-भाजपा के बीच तमलूक, रामनगर, करीमपुर, तेहट्ट, उत्तर बंगाल के ग्वालपुर के बाद अब बागदा, गाइघाटा, झारग्राम के मानिकपाड़ा, बासंती उत्तर के मोकामबेड़िया और जलपाईगुड़ी के बिन्नागुड़ी में वाम-राम गठजोड़ ने पंचायतों पर कब्जा किया है।
बागदा के कानियाड़ा 2 नंबर पंचायत में माकपा और कांग्रेस के समर्थन से भाजपा की झोली में गई है। जबकि गाईघाटा ब्लाक के धर्मपुर 2 नंबर पंचायत पर भाजपा की मदद से माकपा समर्थक एक निर्दलीय उम्मीदवार ने बोर्ड गठन किया है। कानियाड़ा की 15 सीटों में तृणमूल को 4, भाजपा को 9, कांग्रेस और माकपा को एक-एक सीट पर जीत मिली थी। यहां प्रधान और उप प्रधान भाजपा के होने पर माकपा-कांग्रेस ने उसका समर्थन किया। धर्मपुर 2 की 16 सीटों में तृणमूल को छह, भाजपा को 8, निर्दलीय को दो सीटें मिली थी। यहां माकपा समर्थक निर्दलीय उम्मीदवार ने भाजपा का समर्थन किया और पुरस्कार स्वरूप उसे उप प्रधान बनाया गया।