लखनऊ, 03 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन ने आज यू•पी•डबल्यू•जे•यू• के कार्यकारिणी सदस्यों से भेंट के दौरान कहा कि आज आप लोगों से मिलकर पुरानी यादें ताजा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में अगर कौटिल्य को शिक्षा के क्षेत्र के रूप में प्रणाम न करुं तो बात अधूरी लगती है। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त अराजकता को सुधारना आसान नहीं है, पर वह इसमें सुधार करने की भरसक प्रयास करेंगे।
यू•पी•डबल्यू•जे•यू• का प्रतिनिधि मंडल आज इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आई•एफ•डब्ल्यू•जे•) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के• विक्रम राव के मार्गदर्शन में एवं प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिड्डीकी की विशिष्ट उपस्थिति में एल•डब्ल्यू•जे•यू• अध्यक्ष शिव शरण सिंह ने बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन से उनके हज़रतगंज स्थित आवास पर मिले। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा रचित पुस्तक “अनकहा लखनऊ” के कई संस्मरणों पर प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने अपने विचार साझा किए। श्री टंडन का लखनऊ से अटूट रिश्ता है और यही बात उनकी पुस्तक में भी झलकती है जिसकी भूरी भूरी प्रसंशा भी हुई। इस अवसर पर महासचिव के• विश्वदेव राव ने माला पहना कर राज्यपाल का अभिवादन किया।
के• विक्रम राव ने कहा कि बिहार के राज्यपाल जब भी लखनऊ आयें तो प्रोटोकाल के तहत लखनऊ के पत्रकारों से ना मिले, वे इस तरह का एक अध्यादेश लायें, इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस प्रस्ताव का समर्थन वरीष्ठ पत्रकार योगेश मिश्रा, हसीब सिद्दीकी, रामदत्त त्रिपाठी, अनूप श्रीवास्तव ने करते हुए कहा कि लाल जी टंडन का लखनऊ के पत्रकारों से पारिवारिक रिश्ता है जो प्रोटोकाल के दायरे में नहीं आना चाहिए।
श्री टंडन ने प्रेस क्लब के अपने संस्मरणों को भी मुलाकात के दौरान सांझा किया।
इस अवसर पर मुकुल मिश्रा, महामंत्री यू•पी•डबल्यू•जे•यू• पी•के• तिवारी, राजेश शुक्ला, शैलेन्द्र सिंह, अतीकुर्रहमान, रजत मिश्रा, हिमांशु दीक्षित, प्रदुमन तिवारी, अमिताभ नीलम, शिवशंकर गोस्वामी, मो• ताहिर, संदीप मिश्र, हिमांशु चौहान, अविनाश शुक्ल, विवेक त्रिपाठी, शिव विजय सिंह, इफ्ताभट्टी, नादिर वहाब, नफीस अहमद, जावेद काज़िम, अमरेंद्र प्रताप सिंह, अनिल सैनी, देवराज सिंह, खुर्रम निजामी, गोविंद पंत राजू, शैलेंद्र सिंह, आशुतोष श्रीवास्तव, ज्ञानेंद्र शुक्ला, सुजीत दिवेदी, अभिनव सिन्हा, आशीष कुमार सिंह, दुर्गेश दीक्षित एवं अन्य साथी उपस्थित थे।