वाराणसी, 05 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में आज डाॅ• सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस पर शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया गया। चिकित्सा विज्ञान संस्थान के के•एन• उडुप्पा सभागार में आयोजित इस समारोह में प्रख्यात वैज्ञानिक एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व चेयरमैन प्रो• विरेन्द्र सिंह चैहान मुख्य अतिथि थे। अध्यक्षता कुलपति प्रो• राकेश भटनागर ने की।
अपने मुख्य आतिथ्य उदबोधन में प्रो• चैहान ने कहा कि शिक्षा को सशक्त बनाने में स्कूल शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शिक्षक एवं शोध की गुणवत्ता को कायम रखना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होने शोध में हो रही साहित्यिक चोरी (प्लेगेरिज्म) को चिन्तनीय बताते हुए इस पर अंकुश लगाने को आवश्यक बताया। उन्होने बताया कि इसके लिए नीति बन रही है। उन्होने कहा कि शिक्षक स्वयं को सेवानिवृत्त न समझे बल्कि सामाजिक विकास में अपना योगदान दे। शिक्षक स्वयं सोचे कि नैतिक आधार पर क्या गलत है और क्या सही है।
अपने अध्यक्षीय उदबोधन में कुलपति प्रो• राकेश भटनागर ने कहा कि मेरा प्रयास होगा कि योग्य सेवानिवृत शिक्षकों को पुनर्नियुक्ति का अवसर मिले ताकि उनके ज्ञान का लाभ लोगों को मिल सके। उन्होने कहा कि मेरी माता जी मेरी पहली शिक्षक थी।
स्वागत भाषण एवं मुख्य अतिथि का परिचय कुलसचिव डाॅ• नीरज त्रिपाठी ने दिया। मुख्य अतिथि को अंगवस्त्रम के द्वारा सम्मान कुलपति प्रो• भटनागर ने तथा कुलपति का सम्मान छात्र अधिष्ठाता प्रो• एम• के• सिंह ने किया। मंचासीन अतिथियों लगभग 53 सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के अलावा सेन्ट्रल हिन्दू ब्वायज एवं गर्ल्स स्कूल के भी सेवानिवृत्त शिक्षक सामिल थे। धन्यवाद ज्ञापन छात्र अधिष्ठाता प्रो• एम• के• सिंह ने किया।