माझेरहाट हादसे का दुर्गापूजा पर भी असर, सिख समुदाय ने प्रतिदिन ढाई हजार लोगों की भूख मिटाई



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 07 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

॥■॥ माझेरहाट हादसे का दुर्गापूजा पर भी असर

कोलकाता के बेहाला में दुर्गापूजा कमेटी के आयोजक पुल गिरने के कारण आशंका में हैं। इस चिंता का महज एक कारण दर्शनार्थियों की संख्या में कमी ही नहीं बल्कि इसके साथ ही अंतिम मौके पर प्रायोजको के भाग जाने की चिंता भी सताने लगी है।

मालूम हो कि कोलकाता और उपनगरीय इलाके में दुर्गापूजा में थीम पूजा शुरू करने का जनक बेहाला को माना जाता है। करीब 30 साल पहले बेहाला की कई पूजा कमेटियों ने थीम पूजा की शुरूआत करते राज्य में तहलका मचा दिया था। इसलिए दुर्गापूजा देखने वालों की सूची में हर साल कम से कम 12 पूजा तो बेहाला इलाके की होती हैं। बाड़िशा क्लब, नूतनदल, नूतन संघ, बेहाला फ्रेंड्स, बेहाला क्लब, आदर्श पल्ली, एसबी पार्क, बाड़िशा युवकवृंद, देवदारू फटक, बाड़िसा सार्वजनिन, नेताजी संघ और उद्यन संघ जैसी पूजा कमेटियां इस सूची में शामिल हैं।

पूजा कमेटी के लोगों का कहना है कि बेहाला इलाके में लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए हरसाल प्रायोजक भारी संख्या में अपने प्रोमोशन के लिए आते रहे हैं। लेकिन हाल के हादसे के कारण इस बारे में चिंता व्याप्त है। बेहाला में जाने वालों के लिए भले ही कई रास्ते हों लेकिन मुख्य रास्ता डायमंडहार्बर रोड वाला ही माना जाता है। अब इस रास्ते से बेहाला में प्रवेश करना बंद हो गया है। ऐसे में दूसरे रास्तों पर दबाव बढ़ रहा है।

पूजा कमेटी के एक अधिकारी का कहना है कि खिदिरपुर और उत्तर कोलकाता से हर साल 20 से 30 फीसद लोग बेहाला में पूजा देखने के लिए आते थे। उनका मानना है कि शायद यह लोग इस बार नहीं आ सकेंगे। कई पूजा कमेटी के सदस्यों का मानना है कि बड़े प्रायोजकों से समझौता हो चुका है, इसलिए उन्हें लेकर चिंता नहीं है। लेकिन पूजा के हफ्ता-दस दिन पहले छोटे-छोटे प्रायोजक यहां आते थे। इस बार उनके आने की संभावना कम है। एक पूजा कमेटी के सदस्य ने बताया कि इस साल डेकोरेटर से लेकर लाइटिंग वालों से बात तय हो गई है, अगर घाटा पड़ता है तो उधार लेकर भुगतान करना पड़ेगा। इसका असर अगले साल पूजा बजट पर पड़ेगा। तब बजट में कांट-छांट करनी होगी।

इस बीच दुर्गापूजा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और तकरीबन सारी कमेटियों की ओर से हादसे के बावजूद पूजा पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

॥■॥ माझेरहाट पुल हादसा : सिख समुदाय ने प्रतिदिन ढाई हजार लोगों की भूख मिटाई

माझेरहाट पुल का एक हिस्सा गिरने के बाद जहां राहत और बचाव कार्य के लिए सुरक्षा कर्मचारी दिन रात एक किए हुए थे, वहीं बेहाला गुरूद्वारे की ओर से सिख समुदाय की ओर से भी काम करने वालों की हर तरह से मदद की गई। राहत और बचाव कार्य में लगे और दूसरे लोगों के लिए बीते तीन दिनों तक प्रतिदिन कम से कम 2500 लोगों के लिए गुरूद्वारे में लंगर की व्यवस्था की गई। पुलिस कर्मचारियों से लेकर एनडीआरएफ समेत सभी विभाग के लोगों को सुरक्षा प्रबंध के दौरान कभी भी भोजन और पानी की कमी महसूस नहीं हुई।

मालूम हो कि पुल बेहाला गुरूद्वारे के नजदीक ही है और पुल गिरने की खबर मिलते ही सिख समुदाय के लोग राहत और बचाव कार्य में जुट गए थे। इसके बाद प्रशासन की मदद के लिए गुरूद्वारा प्रबंधन ने लोगों के भोजन के लिए विशेष लंगर की व्यवस्था की।

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