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---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 10 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

॥■॥ स्वास्थ्य साथी के साथ होगा आयुष्मान भारत का मेल

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वास्थ्य साथी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आयुष्मान भारत परियोजना को एक साथ जोड़कर आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य साथी परियोजना शुरू की जा रही है। बताया जाता है कि इस परियोजान के बारे में केंद्र और राज्य में एक समझौते में हस्ताक्षर हुए हैं। इसके तहत राज्य के 70 फीसद या 6 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया जा सकेगा। हालांकि परियोजनाओं के नाम बदल जाएंगे, लेकिन सेवाएं पुरानी ही रहेंगी। इतना जरुर है कि लाभ हासिल करने वाले लोगों की संख्या और राज्य का खर्च पहले के मुकाबले बढ़ जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि केंद्र की ओर से चलाया जाने वाली स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) बंद कर दी जा रही है। इस परियोजना में 64 लाख परिवार जुड़े हुए हैं। दूसरी ओर स्वास्थ्य साथी परियोजना में कुल मिलाकर 52 लाख परिवार शामिल हैं। इस तरह गरीब और कम आय वाले तकरीबन साढ़े चार करोड़ लोग नई परियोजना में शामिल हो जाएंगे। इतना ही नहीं, नई परियोजना में और 37 लाख परिवार या डेढ़ करोड़ लोग इसमें शामिल होंगे। इससे राज्य की 9 करोड़ आबादी में तकरीबन 6 करोड़ लोग परियोजना में शामिल हो जाएंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, आरएसबीवाई कार्ड धारक को स्वास्थ्य के खर्च में 30 हजार रुपए मिलते थे। स्वास्थ्य साथी परियोजना में बीमारी के लिए डेढ़ लाख रुपए और जटिल बीमारी के लिए साल में 5 लाख रुपए तक प्रदान किए जाते हैं। अब केंद्र -राज्य की मिलीजुली नई परियोजना में उपभोक्ता परिवार को साल में 5 लाख रुपए तक कैशलेस बीमा की सुविधा मिल सकेगी। बताया जाता है कि अगर सारा कुछ योजना के मुताबिक चलता रहा तब एक अक्तूबर से यह परियोजना चालू हो जाएगी। यह परियोजना केंद्र-राज्य के बीच 60-40 फीसद की रकम से चलेगी। इसके पहले दोनों परियोजनाओं का बजट करीब 450 करोड़ रुपए था। नई परियोजना चालू होने के बाद राज्य का शेयर तो बंद नहीं होगा, इसके साथ ही 50 करोड़ रुपए राज्य का खर्च और बढ़ जाएगा।

॥■॥ हावड़ा में बंद का आंशिक असर

कांग्रेस और वाममोर्चा की ओर से बुलाए गए भारत बंद के दौरान राज्य के दूसरे हिस्सों की तरह हावड़ा जिले में भी बंद का ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया। सुबह छह बजे से शुरू बंद का आंशिक असर देखा गया। कुछ दुकानें और बाजार बंद देखे गए, जबकि प्राइवेट बसें सामान्य दिनों के मुकाबले कम चल रही थी। ज्यादातर प्राइवेट और सभी सरकारी स्कूल खुले हुए थे, लेकिन स्कूल बसें और पुल कार बंद के दौरान नहीं चली। टैक्सियां चल रही थी लेकिन लोगों का आरोप है कि ज्यादा किराए की मांग की जा रही थी। जबकि टोटो सामान्य दिनों की तरह चल रहे थे।
बंद के दौरान सुबह छह बजे से ही माकपा की ओर से कई जगह जुलूस निकाले गए। मालूम हो कि वाममोर्चा की ओर से सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक 12 घंटे के लिए भारत बंद का आह्वान किया गया था। जबकि कांग्रेस की ओर से सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक 6 घंटे के लिए बंद बुलाया गया था। इस दौरान दासनगर के शानपुर इलाके में हावड़ा आमता रोड पर पथावरोध करने के साथ ही पंचाननतला इलाके में भी रास्ता रोका गया। शानपुर में पुलिस के साथ धक्कामुक्की के बाद रैफ को उतारा गया। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने दोनों जगह कुल मिलाकर आठ लोगों को हिरासत में लिया।

इस दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण इलाके के ज्यादातर प्राइवेट स्कूल खुले हुए थे, लेकिन पुल कारें नहीं चल रही थी। इसके साथ ही कई स्कूल की बसें भी नहीं चल रही थी। पुल और बस चालकों के मुताबिक बंद के दौरान वाहन तो ठीक है लेकिन वे बच्चों का जोखिम लेने के लिए तैयार नहीं है। इसी तरह, ट्रैकर भी आज के दिन नहीं चले। मालूम हो कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद 2011 से अभी तक कुल मिलाकर छह बार बंगाल बंद का आह्वान किया गया था, जिसमें पांच बार वााममोर्चा और एक बार कांग्रेस ने बंद बुलाया था। लेकिन आज का बंद जिले में बीते छह बंद के मुकाबले ज्यादा प्रभावी दिख रहा था।

॥■॥ भारत बंद बेअसर ही रहा राज्य में

भारत बंद का पश्चिम बंगाल में कहीं कोई असर नजर नहीं आया। राजधानी कोलकाता समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में जनजीवन सामान्य रहा। स्कूल, कालेज, बाजार, सरकारी और गैर-सरकारी दफ्तर खुले रहे। राज्य के सबसे बड़े त्योहार दुर्गापूजा का समय करीब होने की वजह से बाजारों में भी आम दिनों की तरह खरीददारों की भीड़ रही। कालेजों की परीक्षाएं भी तय समय के मुताबिक हुईं। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी सामान्य रही। कुछ प्रदर्शनकारियों के रेल रोको की वजह से जादवपुर स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही कुछ देर के लिए ठप रही। लेकिन यात्रियों के विरोध की वजह से बंद समर्थकों ने अवरोध हटा लिया। कुछ अन्य स्टेशनों पर ओवरहेड तारों पर केले के पत्त फेंक कर ट्रेन सेवाएं कुछ देर तक रोक दी गईं थी। लेकिन बाद में सेवाएं सामान्य हो गईं। मेट्रो सेवाएं भी सामान्य रहीं।

तेल की कीमतों में वृद्धि समेत विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस ने सुबह नौ बजे से छह घंटों के बंद की अपील की थी जबकि इसी मुद्दे पर वाममोर्चा ने सुबह छह बजे से 12 घंटे के बंद की अपील की थी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही कहा था कि तृणमूल कांग्रेस उन मुद्दों का समर्थन करती है जिनकी वजह से बंद बुलाया गया है। लेकिन सरकार बंद नहीं होने देगी। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी थी। शुक्रवार को जारी उक्त अधिसूचना में कहा गया था कि सिर्फ अस्पताल में दाखिल रहने या परिवार में कोई शोक होने की स्थिति में ही कर्मचारियों को छुट्टी दी जाएगी। बंद के दिन गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की भी चेतावनी दी गई थी।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने ममता बनर्जी सरकार पर दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है। बंद के दौरान कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।

पुलिस ने बताया कि बंद को ध्यान में रखते हुए ऐहतियात के तौर पर सुरक्षा का अतिरिक्त इंतजाम किया गया था कि बंद से सामान्य जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़े। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया था। संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने रविवार को ही कहा था कि सोमवार को आम दिनों के मुकाबले ज्यादा सरकारी बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी ताकि आम लोगों को आवाजाही में कोई दिक्कत नहीं हो।

॥■॥ विस्फोट में तृणमूल कांग्रेस दफ्तर ढहा

बीरभूम जिले के कांकोरतला में सोमवार सुबह राज्य में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस का एक क्षेत्रीय कार्यालय एक ताकतवर विस्फोट में ढह गया। लेकिन इसमें किसी के मरने या घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने यहां इसकी जानकारी दी। वह जगह झारखंड सीमा के पास है। पुलिस विस्फोट की वजहों की जांच कर रही है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि सुबह लगभग साढ़े दस बजे कांकोरतला थाने के तहत बोरवा गांव के बाहरी इलाके में बना उक्त कार्यालय धमाके से ध्वस्त हो गया। वह कार्यालय कई दिनों से बंद था और विस्फोट के समय उसमें कोई भी नहीं था।
भाजपा के स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि तृणमूल के कार्यालय में भारी तादाद में देसी बम रखे थे और उनमें से कुछ बम फट गए। लेकिन तृणमूल कांग्रेस के बीरभूम जिला अध्यक्ष अणुब्रत मंडल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इस विस्फोट के लिए भाजपा को दोषी ठहराया है। मंडल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उक्त कार्यालय में कोई बम नहीं रखा था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यालय पर देसी बम फेंके हैं।


॥■॥ पीआइबी में अपर महानिदेशक ने पदभार ग्रहण किया

पत्र सूचना कार्यालय (पीआइबी) के कोलकाता क्षेत्रीय मुख्यालय में आज नव नियुक्त अपर महानिदेशक जेन नामचू ने पद-भार सम्भल लिया। सुश्री नामचू पीआइबी, इम्फाल (मणिपुर) में अपर महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगी।

भारतीय सूचना सेवा के 1993 बैच की वरिष्ठ अधिकारी सुश्री नामचू केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की एक अन्य इकाई- रीजनल आउटरीच ब्यूरो (आरओबी) के पश्चिम बंगाल प्रमुख के रूप में भी कार्य करेंगी। इससे पहले वे मंत्रालय के विभिन्न पदों पर काठमाण्डू, नई दिल्ली, गान्तोक और सिलीगुड़ी में कार्यरत रही हैं।

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