---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 11 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के लगभग 28 हजार दुर्गापूजा आयोजकों को 28 करोड़ रुपए का नकद तोहफा दिया है। इनमें से तीन हजार आयोजक महानगर में हैं और बाकी 25 हजार राज्य के दूसरे हिस्सों में। इससे पहले सरकार ने बीते साल छोटे आयोजकों को विज्ञापन की शक्ल में सहायता दी थी। यही नहीं, तमाम आयोजन समितियों को अबकी बिजली के बिल में भी 20 फीसद की छूट दी जाएगी। बीते साल यह छूट 17 फीसद थी। मुख्यमंत्री ने कोलकाता नगर निगम और फायर ब्रिगेड के पास जमा की जाने वाली लाइसेंस फीस को भी माफ कर दिया है। तमाम आयोजकों को 10-10 हजार रुपए दिए जाएंगे। सरकारी सूत्रों ने यहां इसकी जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पर्यटन, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय, स्व-सहायता समूह और गृह (पुलिस) विभाग को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उटाने और उक्त रकम आयोजकों में बांटने की जिम्मेदारी दी है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस मामले में कोई राजनीति नहीं देखनी चाहिए। इसकी वजह से यह है कि उक्त सहायता तमाम आयोजन समितियों को दी जाएगी, भले ही वे किसी भी राजनीतिक दल से क्यों नहीं जुड़े हों। लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे भाजपा के अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण के आरोप के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को आयोजकों से संपर्क करने और राज्य के सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने की किसी कोशिश को रोकने का निर्देश दिया है। आयोजकों के साथ यहां सोमवार को हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि एक राजनीतिक पार्टी लोगों को बांटने का प्रयास कर रही है। इसके तहत लोगों की भावनाओं को भड़काने के लिए सोशल मीडिया के जरिए फर्जी खबरें और और गलत सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। इससे दंगे भड़कने का खतरा है। उन्होंने आयोजकों से इस जाल में नहीं फंसने की अपील की। ममता ने बीते साल की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मुहर्रम होने की वजह से उन्होंने आयोजकों से दशमी के दिम मूर्ति विसर्जन नहीं करने का अनुरोध किया था। लेकिन कुछ लोगों ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाईं।
दूसरी ओर, भाजपा को इस मामले में राजनीति की बू आ रही है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री बीते साल की घटना की भरपाई के लिए ही आयोजकों को आर्थिक सहायता दे रही हैं। उन्होंने ममता पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। सिन्हा ने कहा कि सरकार को कल्याणमूलक कार्यों में पैसे खर्च करने चाहिए।