विदेशों से सस्ता है भारत में इलाज, जेनेरिक दवाओं का हब है हिन्दुस्तान



वाराणसी, 17 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● बीएचयू में खुली जेनेरिक दवा पटल, बाजार से चार गुना तक कम दाम में उपलब्ध है दवा

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुन्दरलाल अस्पताल में सोमवार को जेनेरिक दवा पटल का लोकार्पण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो• राकेश भटनागर, कार्यकारिणी परिषद सदस्य प्रो• आनंद मोहन और आईएमएस निदेशक प्रो• वी• के• शुक्ल ने की। इसके साथ ही द्वितीय तल पर प्रशासनिक भवन का भी लोकार्पण और तृतीय तल पर जेनरिक दुकान का लोकार्पण भी किया गया। इस दुकान से मरीज 7565000029 पर कॉल करके अपने बेड पर जेनरिक दवाई प्राप्त कर सकता है। अस्पताल के उमंग दुकान में 273 तरह की जेनरिक दवाइयां उपलब्ध है।

लोकार्पण के बाद सुश्रुत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो• राकेश भटनागर ने कहा कि हिंदुस्तान एक जेनरिक दवाइयों की सबसे बड़ी इकाई मानी जाती है। यहां पर जेनरिक दवाईयां सबसे ज्यादा बनाई जाती है। अगर अमेरिका में भी होल्ड अकाउंटेंट्स ड्रग्स लेना चाहते है तो वहां सबसे ज्यादा हिंदुस्तान की बनी दवाइयां मिलेंगी, बाबजूद इसके हमारे देश मे ही अगर जेनरिक ड्रग्स न मिले तो बड़े अचंभे की बात होगी। उन्होंने कहा कि हमारे देश में आज भी इलाज कराना ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों से सस्ता है, बशर्ते चिकित्सक जेनेरिक दवाइयों की सलाह दें। प्रो• भटनागर ने कहा कि खासकर हमारे देश कि जनता के लिए ही जेनेरिक दवाईयां है क्योंकि यहां के ज्यादातर लोग महंगी दवा नहीं खरीद सकते उनके लिए यह सबसे अच्छी बात है। उन्होंने चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ से अपील की कि वह जेनेरिक दवाईयां लिखे और सहयोग दे।

कार्यकारिणी परिषद सदस्य प्रो• आनंद मोहन ने गरीब जनता के सेवा में इसे मिल का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ यूपी सहित इससे सटे हुए कई राज्यों के मरीज आते है जो बेहद गरीब होते है, उन्हें इन दवाईयों से बेहतर इलाज भी मिलेगा और उनके जेब पर खर्च भी कम पड़ेगा।

अतिथियों का स्वागत आईएमएस निदेशक प्रो• वी• के• शुक्ल ने किया और धन्यवाद ज्ञापन चिकित्सा अधीक्षक प्रो• विजयनाथ मिश्र ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ• पंकज कुमार भारती ने किया। इस दौरान चेयरमैन एम्स डॉ• ओ• पी• उपाध्याय, उप चिकित्साधीक्षक डॉ• आनंद श्रीवास्तव, इमरजेंसी इंचार्ज कुंदन कुमार, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट सुशील पांडेय, डेंटल डीन प्रो• नीलम मित्तल, हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ• धर्मेंद्र जैन, डॉ• अभिषेक पाठक, डॉ• अनूप मिश्रा (सीटी स्कैन), सहित सैकड़ो चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।

● इसलिए सस्ती है जेनेरिक दवाईयां

इस दौरान आसान भाषा में जेनरिक का अर्थ बताते हुए चिकित्सा अधीक्षक प्रो• विजयनाथ मिश्र ने कहा कि किसी बीमारी के इलाज में तमाम तरह के शोध के बाद जो रसायन (साल्ट) तैयार किया जाता है, उसे विभिन्न कम्पनियाँ अलग-अलग नाम से बेचती है जबकि जेनरिक दवाईयां पूरे देश में एक ही नाम से मिलती है। उन्होंने बताया कि ब्रांडेड दवाओं की कीमत कंपनियां खुद तय करती है वहीं जेनेरिक दवाओं की कीमत को निर्धारित करने के लिए सरकार का हस्तक्षेप होता है इसलिए जेनेरिक दवाओं की मनमानी कीमत निर्धारित नहीं की जा सकती।

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