* देवाशीष डे ने लुटाया सुरों का खजाना
वाराणसी। अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास की ओर से आयोजित प्रतिमाह शुक्ल पक्ष के एकादशी को तुलसीघाट पर श्री संकटमोचन मासिक संगीत सभा में रविवार को गायन और वादन का अद्भुत संगम दिखा।
सितार वादन में पं• नीरज मिश्र ने जहां परंपरागत शैली से संगीत सभा को झंकृत किया वहीं गायकी में शास्त्रीय गायक पं• देवाशीष डे ने स्वरों का अनमोल खजाना लुटाते रहे।
समारोह का आगाज पं• नीरज मिश्र के सितार वादन से हुआ। उन्होंने सितार पर राग रागेश्री की अवतारणा कर श्रोताओं के मन की तार को झंकृत कर दिया। इनके साथ तबले पर पं• श्रुतिशील उद्धव ने जोरदार संगत की।
इसके बाद पं• देवाशीष डे का गायन हुआ। उन्होंने राग शंकरा की अवतारणा कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इनके साथ तबले पर पं• किशोर मिश्र एवं हारमोनियम पर पं• यमुना बल्लभ गुजराती उर्फ भैय्यनजी ने संगत की।
इसके पूर्व संकटमोचन के महंत प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र ने अतिथि कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि संगीत साधना ईश्वर तक पहुंचने का एक मनोरंजक एवं परिश्रमी मार्ग है। संगीत साधक ही संगीत के सहारे ईश्वर तक पहुंच बनाने में कामयाब हो सकता है।