वाराणसी, 29 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● चिकित्सालयों में प्रशिक्षित मेडिकल पुलिस की तैनाती से कई समस्याएं हल होगी - प्रो• वी•एन• मिश्र
गत दिनों सरसुन्दरलाल चिकित्सालय में घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मद्देनजर चिकित्सालय की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबन्द करने की दिशा में कार्य आरम्भ हो गया है। आज से चिकित्सालय परिसर में 6 सब इन्सपेक्टर तथा 30 सिपाही तैनात कर दिये गये है।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो• वी•एन• मिश्र ने बताया कि चिकित्सकों एवं मरीजों को चुस्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए हम कटिबद्ध है। अब अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए पूर्व में बनाये गये नियम का सख्ती से पालन किया जाएगा। इसके अन्तर्गत अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनो को दो पास दिया जाता है तथा मरीज के पास केवल पास धारक ही क्रम से जा सकते है। विजिटर को मरीज से मिलने का समय (अपरान्ह 4 - 6 बजे तक के) का पालन कराया जाएगा। चिकित्सालय परिसर में वाहनों का प्रवेश बन्द होगा, चार पहिया वाहन गम्भीर मरीजों को छोड़कर बाहर आ जायेंगे। अस्पताल परिसर में मरीजों तथा परिजनों को ई-रिक्सा के माध्यम से उचित स्थान पर निःशुल्क पहुंचाया जाएगा, इस कार्य में कई ई-रिक्सा लगाए जाऐंगे। अस्पताल परिसर में 100 से अधिक सुरक्षा गार्ड की संख्या सोमवार से बढ़ा दी जायेगी तथा चिकित्सालय की सुरक्षा पूरी तरह चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक एवं चिकित्सा अधीक्षक के नियंत्रण में रहेगी।
चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक प्रो• विजय नाथ मिश्र का कहना है जिस प्रकार से उद्योगो के लिए, सीआईएसएफ, जल पुलिस, बीएसएफ, पर्यटन पुलिस, वन रक्षक आदि तैनात किये जाते है, उसी प्रकार चिकित्सालयो में ‘‘मेडिकल पुलिस‘‘ की तैनाती होनी चाहिए जो सुरक्षा के साथ-साथ जरुरत पड़ने पर पैरामेडिकल स्टाफ के समान मरीजों को आकस्मिक स्थिति में सहयोग कर सके।
प्रो• मिश्र ने बताया कि वाराणसी के जिलाधिकारी से चर्चा के उपरान्त यह उपाय सुझाया गया है कि चिकित्सालय में शीघ्र ही "प्रोवेसनरी आईएएस अधिकारी" की पदस्थापना की जाएगी जो चिकित्सालय के क्रियाकलापों, जेनेरिक औषधियों की वितरण व्यवस्था एवं मरीजों को किस प्रकार अधिक "पेसेन्ट फ्रेण्डली वातावरण" दिया जाय इसकी समीक्षा कर तीन महीने में कुलपति को यह बताऐंगे कि कौन-कौन से बेहतर उपाय होने चाहिए। यह अधिकारी चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में बैठेगे। इसके अलावा भारतीय पुलिस या राज्य सेवा के एक सेवानिवृत पुलिस अधिकारी तैनात हो कर सुरक्षा व्यवस्था उत्तम करने सम्बन्धी उपाय सुझाने में अपना सहयोग देगे। विश्वविद्यालय प्रशासन चिकित्सकों एवं मरीजों की सुरक्षा को लेकर कृत संकल्पित है। चिकित्सालय में गत दिनों के समान होने वाली घटनाओं की पुनरावृृत्ति न हो इसे रोकने के लिए एवं व्यवस्थित कार्य योजना तैयार की जा रही है। चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि चिकित्सको की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाऐगा, चिकित्सालय को पेसेन्ट फ्रेण्डली बनाना हमारी प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है।