• वर्धा ड्राइ बंदरगाह 500 करोड़ रूपये की लागत से 350 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा
• नितिन गडकरी महाराष्ट्र में वर्धा में सिंडी में 02 अक्तूबर, 2017 को वर्धा ड्राइ बंदरगाह में भूमि पूजन करेंगे
01 अक्टूबर। जहाजरानी, सड़क परिवहन राजमार्ग एवं जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी 02 अक्तूबर 2017 को महाराष्ट्र के वर्धा में सिंडी (रेलवे) पर वर्धा ड्राइ बंदरगाह में भूमि पूजन करेंगे। यह ड्राइ बंदरगाह विदर्भ क्षेत्र में उद्योगों को प्रभावी संचालन तकनीक मुहैया कराने के लिए जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह ट्रस्ट ए०एंड०पी०टी० द्वारा विकसित किया गया है। इससे बंदरगाह क्षेत्र में कार्गो की सुविधाएं भी बेहतर होंगी।
प्रस्तावित वर्धा ड्राइ बंदरगाह कुल 500 करोड़ रुपये के निवेश से 350 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा। चरणबद्ध तरीके से बनाए जाने वाले इस बंदरगाह के पहले चरण में 103 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसमें 79 करोड़ रुपये का निजी निवेश शामिल है।
प्रस्तावित वर्धा ड्राइ बंदरगाह के जरिए अगले 5 से 7 वर्षों में लगभग 7,000 से 9,000 टीईयू ट्रैफिक का संचालन होगा। इस परियोजना से लगभग एक हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलने की आशा है। इस परियोजना में एक्जीम आधारित उद्योगों के लिए एक ही जगह पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपभोक्ता क्लीयरेंस सुविधाएं, कंटेनर, फ्रेट स्टेशन, बीयर हाउसिंग, स्पेस, वातानूकुलित सयंत्र, लिक्विड स्टोरेज और ट्रक टर्मिनल शामिल हैं।
यह क्षेत्र नागपुर और वर्धा के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है और विदर्भ क्षेत्र की अन्य औद्योगिक इकाईयों से समन्वित है। वर्धा ड्राइ बंदरगाह से क्षेत्र के चावल निर्यातकों, कपड़ा एवं वस्त्र उद्योग, स्टील एवं खनिज व्यापारियों, प्लास्टिक एवं पेपर पल्प, इलेक्ट्रिक मशीन, ऑटो पार्ट निर्माताओं को फायदा होगा। इससे आगामी नागपुर, मुंबई सुपर संचार एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी सुधार होगा। यह ड्राइ बंदरगाह नागपुर वर्धा लाइन से नागपुर मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे के जरिए सेंट्रल रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। छह लेन का राष्ट्रीय राजमार्ग केंद्रीय, दक्षिणी और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों से भी जोड़ा जाएगा।