तमिलनाडु, 03 अक्टूबर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
सोमवार 01 अक्टूबर 2018 को तमिलनाडु केन्द्रीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित हिंदी पखवाड़ा समारोह 2018 का पुरस्कार वितरण सम्पन्न किया गया। हिंदी दिवस से आरंभ हुए इस समारोह में अलग अलग श्रेणियों में कुल 16 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें कुल लगभग 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, प्रतिभागियों में से 142 विजेताओं को पुरस्कार वितरण समारोह में पुरस्कृत किया गया। गौरतलब है कि, इस पखवाड़े में हिंदी काव्य पाठ प्रतियोगिता, हिंदी काव्य चित्र प्रतियोगिता, हिंदी गीत गायन प्रतियोगिता, हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता, हिंदी सुलेखन प्रतियोगिता, हिंदी मूक पहेली प्रतियोगिता, हिंदी नाट्य प्रस्तुति प्रतियोगिता एवं हिंदी टिप्पण लेखन प्रतियोगिता के साथ नराकास अध्यक्ष कार्यालय के रूप में नराकाय सदस्य कार्यालयों के लिए गैर हिंदी भाषी प्रतिभागियों के लिए हिंदी सुलेखन प्रतियोगिता एवं हिंदी भाषियों के लिए आशुभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महत्तवपूर्ण यह भी रहा कि, नराकास अध्यक्ष कार्यालय के रूप में तिरूवारूर जिले के उन 15 छात्रों को सम्मानित भी किया गया जिन्होंने हिंदी एवं तमिल में कक्षा 10वी एवं 12वी की परीक्षा में श्रेष्ठ अंक प्राप्त किये हैं।
राजभाषा के रूप में हिंदी को विकसित करने के साथ हिंदी सीखने की कक्षा भी विश्वविद्यालय द्वारा चलाई जा रही है जिसमें हिंदी सीखने वाले प्रतिभागियों में से एक डॉ• रूपकुमार ने अपने हिंदी पढ़ने एवं सीखने के अनुभव को पुरस्कार वितरण के दौरान व्यक्त किया। इस अनुभव से सभी प्रेषित भी हुए।
कार्यक्रम में संध्या एवं अनुभव पाटील छात्रा-छात्र केन्द्रीय विद्यालय ने काव्य पाठ भी किया। ईपीएच के छात्र प्रियांग्शु ने हिंदी गीत प्रस्तुति की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ• आशीष कुमार दुबे, वरिष्ठ सह संपादक, लोकमत समाचार एवं अनिता यादव -जनसंपर्क अधिकारी, अमरावती, के साथ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो• ए• पी• दाश, कुलसचिव डॉ• एस• भुवनेश्वरी, हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो• एस• वी• एस• एस• नारायण राजू एवं सहायक निदेशक राजभाषा रोशन पाण्डेय मंचासीन रहे। साथ में हिंदी एवं अन्य सभी विभागों के कई संकाय सदस्यों की उपस्थिति से भी विजेताओं को प्रोत्साहन एवं प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम का संचालन प्रतिभा तिवारी, मिलन बिश्नोई, कणी रवि पिल्लई ने एवं सरस्वती वंदना तथा तमिल तायवत्त की प्रस्तुति विभागों की छात्राओं द्वारा की गई। अपने समेकित आवरण में समारोह संपूर्ण सफल एवं राजभाषा के रूप में हिंदी की स्वीकृति एवं कामयाबी में एक नया अध्याय जोड़ने वाला रहा।