बंगाल : अगले महीने भी सरकारी कर्मचारियों को लगातार 9 दिन की छुट्टी



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 07 अक्टूबर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

दुर्गापूजा के मौके पर राज्य के सरकारी कर्मचारियों को 13 दिन की छुट्टी की गई है, इसमें एक दिन की छुट्टी लेकर कर्मचारी एक साथ 16 दिन छुट्टी का आनंद ले सकते हैं। अक्तूबर के बाद नवंबर का महीना भी सरकारी कर्मचारियों के लिए खास होगा। कालीपूजा और भाईफोटा के बीच एक दिन की छुट्टी लेकर कर्मचारियों को एक साथ नौ दिन की छुट्टी का मौका मिल जाएगा।

हालांकि राज्य सरकार की ओर से अगले महीने 6 नवंबर से 9 नवंबर तक छुट्टी प्रदान की गई है। इसके पहले तीन और चार नवंबर को शनिवार और रविवार है। इस दिन सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी रहती है। इसके बाद 10 और 11 नवंबर भी शनिवार और रविवार है। चार दिन की छुट्टी में चार दिन शनिवार और रविवार के जोड़ने के लिए महज 5 नवंबर को एक दिन की छुट्टी लेनी होगी। इस तरह तीन नवंबर से लेकर 11 नवंबर तक छुट्टी रहेगी। इसके बाद 12 नवंबर को दफ्तर खुलेंगे लेकिन 13 नवंबर को छठ पूजा की छुट्टी है।

मालूम हो कि यह छुट्टियां सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए हैं। दुर्गापूजा और कालीपूजा की छुट्टियां एनआइ एक्ट के तहत प्रदान की गई हैं। जबकि बाकी छुट्टियां प्रशासनिक निर्देश के मुताबिक हैं। एनआइ एक्ट के तहत छुट्टी घोषित होने पर राज्य के बैंकों में भी छुट्टी रहती है। बहुत सारी प्राइवेट संस्थाएं भी एनआइ एक्ट केतहत छुट्टी प्रदान करती हैं। लेकिन वहां सरकारी छुट्टियों से कम छुट्टियां रहती हैं। केंद्र सरकार की छुट्टी के दिन डाकघर बंद रहते हैं।

राज्य की सरकारी छुट्टी के मुताबिक दुर्गापूजा सप्तमी से लेकर दशमी 16 से लेकर 19 अक्तूबर, लक्ष्मीपूजा 24 अक्तूबर, कालीपूजा 6 नवंबर को एनआइ एक्ट के तहत छुट्टी प्रदान की गई है। प्रशासनिक निर्देश पर 15 अक्तूबर षष्ठी के दिन, दुर्गापूजा के मौके पर 22-23 अक्तूबर अतिरिक्त छुट्टी दी गई है। प्रशासनिक निर्देश पर लक्ष्मीपूजा के मौके पर 25 अक्तूबर को एक दिन और कालीपूजा के मौके पर दो दिन (7-8 नवंबर) छुट्टी दी गई है। जबकि 9 नवंबर भाइफोटा की छुट्टी का निर्देश दिया गया है। इसी तरह, 13 नवंबर को छठ पूजा की छुट्टी भी प्रशासनिक निर्देश के तहत दी गई है। इस तरह कुल मिलाकर दो महीनों में एक-एक करके दो दिन छुट्टी लेकर सरकारी कर्मचारी 26 दिन छुट्टी का आनंद ले सकते हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के सत्तारूढ़ होने के बाद सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां बढ़ी हैं। विरोधियों का आरोप है कि छुट्टी के कारण कार्यसंस्कृति प्रभावित होती है। जबकि तृणमूल समर्थित कर्मचारी संगठन पश्चिम बंग राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन की कोर कमेटी के सदस्य पार्थ चटर्जी का कहना है कि अंग्रेजों के जमाने में सप्तमी से छुट्टी शुरू होती थी और कालीपूजा के बाद दफ्तर खुलते थे। तकरीबन एक महीने तक सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रहती थी। इसके दस्तावेज भी हैं। उनका कहना है कि पूजा के माहौल में दफ्तर में काम करने का माहौल भी नहीं होता है। वाममोर्चा के शासनकाल में भाईफोटा की छुट्टी रेस्ट्रीकेटेट हालीडे में शामिल थी, कर्मचारी चाहने पर छुट्टी ले सकते थे। एक बार तो ऐसा हुआ कि राइटर्स बिल्डिंग मेें भाईफोटा के मौके पर हजारों कर्मचारियों में सिर्फ तीन ड्यूटी पर हाजिर थे। इसके बाद वाममोर्चा ने भाईफोटा पर साधारण छुट्टी का एलान किया। लेकिन इसके लिए पूजा की छुट्टी एक दिन कम कर दी गई थी।

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