नई दिल्ली/सिंगापुर, 22 अक्टूबर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
रक्षा मंत्री निर्माला सीतारमण ने सिंगापुर में 20 अक्टूबर 2018 को दस आसियान सदस्य देशों एवं आठ आसियान प्लस देशों के मंच एडीडीएम प्लस की पांचवी बैठक में भाग लिया। इस बार की वार्ता का विषय 'सहयोग का सुदृढ़ीकरण, लचीलेपन का निर्माण' था। वार्ता में 'आतंकवाद के ख़तरे से मुकाबला' एवं 'विश्वास बहाली के व्यावहारिक कदम' विषय पर दो प्रस्ताव अनुमोदित किये गए।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने आतंकी ख़तरे की वजह से अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं स्थायित्व के समक्ष उत्पन्न गंभीर चुनौतियों के प्रति भारत की चिंता पर ज़ोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत के निकटवर्ती पड़ोस में आतंकवादी अवसंरचना की निरंतर उपस्थिति एवं आतंकवादियों को दिये जा रहे समर्थन ने भारत के संयम की लगातार परीक्षा ली है। इस समस्या से निपटने में एक उत्तरदायी शक्ति के रूप में भारत ने काफी संयम का परिचय दिया है। हालांकि भारत ने आतंकवादी समूहों एवं उनके पनाहगारो की गतिविधियों को रोकने एवं निवारण करने के कदम उठाए हैं एवं यदि आवश्यकता हुई तो दोबारा ऐसा करने से भारत नहीं हिचकेगा।
निर्मला सीतारमण ने भारत-प्रशांत क्षेत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दर्शाये गए भारत के रवैये-- एक खुले, संतुलित क्षेत्र के रूप में, जो खुले एवं सुरक्षित समुद्र से जुड़ा, संतुलित व्यापार से एकीकृत एवं नियम आधारित व्यवस्था से निर्धारित एवं आसियान की केंद्रिकता का आश्रय लिये हो- को दोहराया एवं रक्षा मंत्री ने क्षेत्र में आर्थिक, सांस्कृतिक एवं विकास के विषय पर 'एक्ट ईस्ट' नीति पर अनवरत ध्यान देने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सशस्त्र बलों के सदस्यों के बीच व्यवहारिक सहयोग वाले एक विश्वसनीय एवं प्रभावी मंच के रूप में उभरे एडीडीएम प्लस को बधाई देते हुए रक्षा मंत्री ने सदस्यों को सभी एडीडीएम प्लस विभागों की सफलता में प्रभावी योगदान देने में भारत की सक्रिय भागीदारी की जानकारी दी। भारत एवं म्यांमार, मिलिट्री मेडिसिन पर विशेषज्ञ कार्यकारी समूह के सह-अध्यक्ष हैं एवं आसियान मिलिट्री मेडिसिन हैण्डबुक को जारी करने के साथ साथ मिलिट्री मेडिसिन पर एकमात्र फील्ड प्रशिक्षण अभ्यास मार्च 2019 में लखनऊ में आयोजित किया जाएगा।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने नियम आधारित अतंर्राष्ट्रीय व्यवस्था, जो समावेशी एवं लोकतांत्रिक हो, के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। उन्होंने आसियान देशों के साथ सांस्थानिक एवं द्विपक्षीय दोनों आधारों पर कार्य करने की भारत की इच्छा दोहराई एवं थाईलैण्ड द्वारा एडीडीएम प्लस की अध्यक्षता संभाले जाने का स्वागत किया।
एडीडीएम प्लस की बैठक के साथ रक्षा मंत्री ने अमेरिका, मलेशिया, वियतनाम एवं फिलीपीन्स के रक्षा मंत्रियों के साथ रचनात्मक द्विपक्षीय वार्ता की। उन्होंने रूस, चीन, थाईलैण्ड, लाओ पीडीआर, एवं म्यांमार के रक्षा मंत्रियों के साथ बैठक भी की। सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री तेओ ची हीन एवं रक्षा मंत्री डॉक्टर एन इंग हेन के साथ भी वार्ता हुई।