एडमिरल सुनील लांबा वियतनाम की यात्रा करेंगे



03 अक्टूबर। पीवीएसएम, एवीएसएम, एडीसी, नौसेना प्रमुख, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष एडमिरल सुनील लांबा 4 से 7 अक्तूएबर तक अपनी द्विपक्षीय यात्रा के तहत वियतनाम का दौरा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और वियतनाम के सशस्त्र बलों के बीच सहयोग को मजबूत करना है तथा रक्षा सहयोग के नये रास्तों की तलाश करना है।

अपनी यात्रा के दौरान एडमिरल लांबा, वियतनाम के प्रधानमंत्री महामहिम गुयेन जुआन फुक, महामहिम जनरल निगो जुआन लिच, वियतनाम के रक्षा मंत्री सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल फन वान जियांग, वियतनाम के उप-रक्षा मंत्री और चीफ ऑफ जनरल स्टा्फ सहित वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ द्वीपक्षीय वार्ता करेंगे। द्वीपक्षीय वार्ताओं के अलावा एडमिरल लांबा वियतनाम की नेशनल डिफेंस अकादमी का भी दौरा करेंगे, जहां वे छात्र अधिकारियों तथा शिक्षक सदस्यों के साथ संवाद करेंगे और ‘समुद्री शक्ति के महत्व् पर भाषण देंगे। एडमिरल लांबा वियतनाम की नौसेना के ‘नेवल रिजन 4’ का भी दौरा करेंगे।

भारत के वियतनाम के साथ ऐतिहासिक संबंध हैं, जो कई सदियों से चले आ रहे हैं। हालांकि दोनों देशों ने 1972 में औपा‍रिक रूप से राजनयिक संबंध स्थालपित किये थे। भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग मुख्य रूप से समुद्री सहयोग पर केन्द्रित है। भारत ने 1994 में रक्षा सहयोग समझौते से संबंधित एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए थे। बाद में 2007 में सामरिक साझेदारी को और आगे बढ़ाया गया और दोनों देशों ने 5 नवम्बर 2009 को रक्षा समझौते से संबंधित एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किये। मई 2015 में संबंधित रक्षा मंत्रियों द्वारा ‘2015-20 के लिए ज्वाइंट विजन स्टेटमेंट’ पर हस्ताक्षर किये गये और सितम्बषर 2016 में प्रधानमंत्री की वियतनाम यात्रा के दौरान सामरिक साझेदारी और मजबूत हुई।

भारतीय नौसेना वियतनाम की नौसेना को कई मुद्दों पर सहयोग प्रदान करती है जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में संचालन से संबंधित क्रियाकल्प, प्रशिक्षण और विषय से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के बारे में जानकारियों का आदान-प्रदान शामिल है। वियतनाम की नौसेना ने भारतीय नौसेना द्वारा पोर्ट ब्लेयर में आयोजित ‘मिलन’ अंतर नौसेना संवाद में भाग लिया। भारतीय नौसेना अपने जहाजों के साथ लगातार वियतनाम के बंदरगाहों का दौरा करती रहती है। सतपुड़ा और कदमत्तन जहाजों ने हाल में ही 23 से 27 सितम्बहर 2017 तक हाई फॉंग पोर्ट का दौरान किया था।

भारतीय सेना और वायु सेना की भी वियतनाम की सेना और वायुसेना के साथ मजबूत साझेदारी है। वियतनाम की सेना तथा वायुसेना के अधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत विभिन्न रक्षा प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण लेते रहते हैं, जिनमें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय शामिल है।

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