रायबरेली-डलमऊ-मुराई का बाग, 02 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
"एक तो करेला दूजा नीम चढ़ा" ये मुहावरा मुराई बाग के डाक विभाग पर पूरी तरह से चरितार्थ होता है। आधार कार्ड भारत सरकार द्वारा भारत के नागरिकों को जारी किया जाने वाला एक पहचान पत्र है जिसे प्रत्येक नागरिक केवल एक बार ही बनवा सकता है किन्तु इस पहचान पत्र को बनाने की जिम्मेदारी पिछले कुछ समय से डाक विभाग को दे दिया गया है जिसमें डाक विभाग के कर्मचारियों को इसे बनाने को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिख रही है। कभी सर्वर का बहाना बना कर टाल दिया तो कभी प्रिंटर खराब हो गई और जब तक ये दोनों ठीक होते कि जीपीएस सिस्टम ही टूट जाता ऐसा सिलसिला मुराई का बाग स्थित डाक विभाग का है जो आये दिन एक परेशानी का हवाला देते हुए अधार कार्ड बनवाने आए लोगों को वापस कर देते हैं। इस संबंध में जब डाक विभाग के कर्मचारियों से बात किया गया तो उन्होंने अपने विभाग और उपकरणों के खराब होने का रोना रो दिया।
कब तक ठीक होने की संभावना के दूसरे सवाल के जवाब में कहते हैं कि जब ठीक होना होगा हो जाएगा क्या मैं इसे बनवाने जाऊ, ऐसा कह कर आए हुए लोगो को भगा देते हैं। आधार कार्ड प्रधानमंत्री की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसके क्रियान्वयन में डाक विभाग अपने मनमानी पूर्ण रवेया अपनाए हुए हैं जिससे भारतीय विशिष्ट पहचान पत्र का अस्तित्व डाक विभाग के रहमो करम पर आश्रित हो चुकी है। अधार कार्ड एक महत्वपूर्ण पहचान पत्र है जिसकी उपयोगिता नागरिक को लगभग हर जगह पड़ती है परन्तु इस बात का अंदाजा डाक विभाग के कर्मचारियों को शायद नहीं होगा।