नई दिल्ली/अमृतसर/लखनऊ, 02 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
अमृतसर में ट्रेन से कुचल कर अनेक लोगों की दर्दनाक मौत होने एवं कई अन्य लोगों के घायल होने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच को लेकर सार्वजनिक तौर पर काफी चर्चाएं हो रही हैं। इस दौरान विशेषकर रेल पटरियों पर अतिक्रमण करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं। अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला ने 23 अक्टूबर, 2018 को रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल से भेंट कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से एक पत्र सौंपा, जिसमें रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा इस दुर्घटना की जांच कराने का अनुरोध किया गया। रेल मंत्रालय ने इस अनुरोध के साथ-साथ अन्य तथ्यों, परिस्थितियों और वैधानिक प्रावधानों पर गौर किया है। इस तरह के मामलों में मुख्य रेल सुरक्षा आयुक्त द्वारा जांच कराया जाना कानूनन अनिवार्य नहीं है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि इस तरह की जांच कराया जाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। अतीत में रेल पटरियों पर कई लोगों के कुचले जाने की एक दुर्घटना की जांच सीआरएस द्वारा कराई जा चुकी है। वैसे तो प्रथम दृष्टया रेलवे इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार प्रतीत नहीं होती है, लेकिन एक ऐसे स्वतंत्र एवं तकनीकी दृष्टि से सक्षम प्राधिकरण द्वारा इसकी जांच कराने पर विचार किया गया, जो रेल मंत्रालय के प्रति जवाबदेह नहीं है। इस दुर्घटना की जांच कराने के लिए सीसीआरएस से अनुरोध किया गया। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्य रेल सुरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस), लखनऊ ने इस दुर्घटना की वैधानिक जांच कराने का आदेश दिया है।