चन्दौली, 13 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा - यह है वन विभाग पर धरने की ‘सच्चाई’
उत्तर प्रदेश बिहार बार्डर नौबतपुर का वन विभाग चेकपोस्ट इन दिनों चर्चा में बना रहा और जब समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक वहां जा पहुंचे तो कहानी ही बदल गई। इस पर पूर्व विधायक ने कहा कि यह धरना भ्रष्टाचार को बढ़ाने के लिए किया जा रहा था। इसमें एक बड़ी साजिश है, जिसमें भाजपा के सांसद व स्थानीय विधायक सब शामिल हैं। भाजपा नेता व पूर्व प्रमुख की अगुवाई में वन विभाग पर भ्रष्टाचार को लेकर तीन दिनों से चल रहे धरना में नया मोड़ आ गया जब समाजवादी पार्टी के सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू पहुंचे तो माहौल तनाव ग्रस्त हो गया और बाद में धरने को खत्म करना पड़ा। वहीं अधिकारियों व धरना दे रहे लोगों के बीच जांच की बात को लेकर सहमति बनती दिखी।
बता दें कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा की लड़ाई में समर्थन देने के लिए सपा के पूर्व सैयदराजा विधायक मनोज सिंह डब्लू जब धरना स्थल पर पहुंचे तो पहले भाजपाइयों ने उन्हें अपने पार्टी का धरना कह कर विरोध किया।
मामला गम्भीर होता देख पुलिस ने दस्तक दी और पूर्व विधायक को गाड़ी से बाहर आने से रोकने लगी और उनसे कहा गया कि अगर आप धरना स्थल पर जाएंगे तो ला एंड ऑर्डर प्रभावित होगा। सैयदराजा के पूर्व विधायक ने अपने जवाब में कहा कि मैं भी यहां का नागरिक हूं और इस क्षेत्र का बेटा हूं। इस नाते मैं इस समय धरने में समर्थन प्रदान करने के लिए आया हूं। स्पष्ट है कि धरना भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए नहीं, भ्रष्टाचार को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है क्योंकि इस विभाग से यहां के सांसद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही साथ इस क्षेत्र के विधायक को भी हिस्सेदारी मिला करती है। अपना हिस्सा नहीं मिलने के कारण धरना करके इस विभाग से हिस्सेदारी लेने का दबाव बनाया जा रहा है और कहीं न कहीं से भ्रष्टाचार बढ़ाने के कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। इस भ्रष्टाचार में सांसद और विधायक भी पूरी तरह संलिप्त हैं। धरना दे रहे महेन्द्र सिंह पहले समजवादी पार्टी में थे व इसी भ्रष्टाचार के कारण इनको पार्टी से निकाला गया था। मनोज सिंह ने मौके पर चुनौती देते हुए कहा था यदि धरना समाप्त नहीं हुआ तो इस धरने में कूदेंगे और जनता को साथ लेकर दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे। शाम होते ही अफसर नेता दोनों ने अपनी जिद छोड़ी और धरना समाप्त हो गया।