रायबरेली, 14 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
श्रीमद्भागवत कथा व्यास शांडिल्य मुनि जी ने बताया कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किसी भी अन्य धातु के शिवलिंग की अपेक्षा पारद शिवलिंग की पूजा एवं स्थापना सर्वश्रेष्ठ होती है ऐसा प्राचीन ग्रंथ कहते हैं चरक संहिता कहता है कि पारद स्वयं सिद्ध धातु है। पारद शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही जीव की सम्पूर्ण इच्छाएं पूर्ण हो जाती है। पारद शिवलिंग किसी भी प्रकार के तंत्र मंत्र के प्रभाव को काट देता है।पारद शिवलिंग की सतत आराधना करने वाले भक्त की रक्षा स्वयं महाकाल व महाकाली करते हैं। जिस घर में पारद शिवलिंग स्थापित होता वहां धन धान्य और सुख शांति हमेशा बनी रहती है। पारद शिवलिंग के स्पर्श मात्र से व्यक्ति के अंदर दैवीय शक्तियां प्रवेश कर जाती हैं। पारद शिवलिंग की नित्य पूजा करने से लंबी आयु व आरोग्य की प्राप्ति होती है।
शिव महापुराण कहता है कि अन्य शिवलिंगों की पूजा की अपेक्षा पारद शिवलिंग की पूजा हजार गुना फलदायी है। पुराणों में बताया गया है कि पारद शिवलिंग में ब्रम्हांड का सम्पूर्ण ज्ञान पाया जाता है। इसका दिव्य मंत्र है "ॐ ऐं ह्रीं रसेश्वराय महाबलाय स्वाहा"। यदि आप पारद शिवलिंग के दाहिनी तरफ घी का दीपक जलाकर महामृत्युंजय मंत्र का जप करें तो सहज शिव का सायुज्य प्राप्त होता है।