जेल के स्थानांतरण से बदल सकती है अलीपुर इलाके की तस्वीर



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 15 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

अलीपुर सेंट्रल जेल के कैदियों को चरणबद्ध तरीके से दक्षिण 24-परगना जिले के बारुईपुर में बने नई जेल में ले जाने के बाद अब महानगर के अलीपुर इलाके की तस्वीर बदल सकती है। इससे खाली होने वाली लगभग 120 एकड़ जगह पर अब आवासीय इमारतों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय नवान्न में बताया कि इलाके में सात हजार करोड़ रुपए की लागत से एक आवासायी परियोजना का प्रस्ताव आने वाला है। यह परियोजना ग्रीन सिटी-क्लीन सिटी परियोजना का हिस्सा है। ममता ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद हजारों लोगों को आवास तो मिलेगा ही, महानगर की तस्वीर भी सुंदर हो जाएगी।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि ममता ने शहरी विकास मंत्रालय से पहले ही उक्त परियोजना का ब्लूप्रिंट बनाने को कह दिया है। कई होटलों और नर्सिंग होम के मालिकों ने उस जमीन के लिए आवेदन दिया है। उसी इलाके में हाल में सरकार ने एक सौजन्य नामक एक कन्वेंशन सेंटर और उत्तीर्ण नामक एक ओपन एअर थिएटर बनवाया है। इलाके में दो हजार सीटों की क्षमता वाले एक आडिटोरियम का निर्माण कार्य भी चल रहा है।

अलीपुर जेल की जमीन से सरकार को काफी राजस्व मिलने की उम्मीद है। इलाके में जमीन की कीमत एक करोड़ रुपए प्रति कठ्ठा से ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने पंद्रह दिलों पहले सौजन्य कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन करते हुए कहा था कि उन्होंने शहर में पड़ी खाली जमीन की पहचान का काम शुरू किया है। जल्दी ही महानगर के सौंदर्यीकरण की एक योजना बनाई जाएगी।

कनफेडरेशन आफ रियल इस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (क्रेडाई) की बंगाल शाखा के अध्यक्ष नंदू बेलानी ने इस योजना का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि खाली पड़ी जमीन पर रियल इस्टेट विकसित करने का विचार बेहतर है।

ध्यान रहे कि अलीपुर जेल में रहने वाले 50 कैदियों के पहले जत्थे को बुधवार को बारुईपुर में बनी नई जेल में शिफ्ट कर दिया गया। इनमें से कई कैदी अलीपुर जेल में तीन साल तक बिता चुके हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय से ही बटन दबा कर नई जेल का उद्घाटन किया।

महानिदेशक (जेल) अरुण गुप्ता ने बताया कि धीरे-धीरे बाकी कैदियों को भी नई जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। दूसरे चरण का काम मार्च के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है। पहले चरण के निर्माण पर 70 करोड़ की लागत आई है जबकि दूसरे चरण के लिए 98 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

जेल सूत्रों ने बताया कि वहां आधुनिकतम रसोईघर के अलावा बेहतर शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा वहां सुरक्षा के भी बेहतर इंतजाम हैं। अलीपुर जेल की 20 फीट के मुकाबले नई जेल की चारदीवारी 25 फीट ऊंची है। कैदियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वहां कई सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।

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