बंगाल : एक साथ 25 ट्रक धूलागढ़ से पानी के रास्ते जाएंगे खिदिरपुर



---रंजीत लुधियानवी, हावड़ा/कोलकाता, 30 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

धूलागढ़ से एक साथ खिदिरपुर तक 25 ट्रक पानी के रास्ते खिदिरपुर जाएंगे। इसके लिए हावड़ा जिले के सांकराईल ब्लाक के पांचपाड़ा में गंगा नदी में एक साथ 25 ट्रक लेकर जाने वाले जलयान को चालू किया जा रहा है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन विभाग की ओर से जल्द ही जल यान चालू करने के बारे में पंचायत समिति को सूचित कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इसके कारण आंदुल रोड और कोना एक्सप्रेस वे पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि धूलागढ़ से ट्रक सत्यन बसु रोड होते हुए जेटी तक पहुंचेगे। सांकराईल पंचायत समिति की ओर से इसके लिए 20 फीट चौड़ा रास्ता बनाया जा रहा है। पंचायत समिति के सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से व्यापारी और ट्रक चालकों की ओर से वेसल चलाने की मांग की जाती रही है। इससे कम समय में ट्रक नदी पार करके खिदिरपुर पहुंच जाएंगे। धूलागढ़ ट्रक टर्मीनल से जेट्टी की दूरी महज 3 किलोमीटर है। इससे ट्रक चालकों के समय की बचत के साथ ही कोना एक्सप्रेस वे और आदुंल रोड पर होने वाले जाम और नो एंट्री के झंझट से मुक्ति मिल सकेगी।

सांकराईल पंचायत समिति की ओर से बताया गया है कि व्यापारी और ट्रक चालक लंबे समय से मांग कर रहे थे कि खिदिरपुर के लिए जलयान चलाया जाना चाहिए। इस बारे में परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी को प्रस्ताव दिया गया था। उनकी स्वीकृति के बाद ही परिवहन विभाग ने इस दिशा में काम शुरू किया है। परिवहन विभाग की ओर से पंचायत को आश्वस्त किया गया है कि बहुत जल्द ही 25 ट्रकों को लेकर जाने वाला जलयान चालू हो जाएगा। इसलिए हम लोगों की ओर से सत्येन बसु रोड से जेट्टी तक 20 फीट चौड़ा कंक्रीट का रास्ता बनाया जा रहा है।

परिवहन मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि हम लोगों ने एक जलयान चालू कर दिया है। इससे आसानी से मालवाही ट्रक खिदिरपुर चले जा रहे हैं। इसके बाद एक और जलयान चलाने की परियोजना है। मालूम हो कि हाल में परिवहन मंत्री की ओर से 16 ट्रकों को लेकर जाने वाले जलयान का शुभारंभ किया था। इससे ट्रक वालों का कोलकाता जाना आसान हो गया है। इसके बाद खिदिरपुर में माल खाली करने के बाद उसी दिन ट्रक वापस लौट आते हैं। इससे ट्रकों को सारा दिन खड़ा रहने की मुसीबत से छुटकारा मिल गया है। परिवहन का खर्च भी कम हो गया है।

उन्होंने बताया कि एक दिन में दो जलयान से चार बार यातायात संभव है। इस तरह प्रतिदिन 41 बार में 150 ट्रक यातायात कर सकेंगे। जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से लंबे समय से कोना एक्सप्रेस वे और आंदुल रोड के साथ ही सांतरागाछी पुल का दबाव कम करने के बारे में सोचा जा रहा था।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News