भारत में वैश्विक विमानन केन्द्र बनने की क्षमता : उपराष्ट्रपति



विजयवाड़ा, 05 दिसम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

उपराष्ट्रपति एम• वेंकैया नायडू ने कहा कि भारत में वैश्विक विमानन केन्द्र (रख-रखाव व मरम्मत) बनने की क्षमता है। इसका कारण है- बढ़ती हवाई सेवाएं, प्रतिभाशाली इंजीनियरों की उपलब्धता तथा श्रम लागत का निम्न स्तर। मंगलवार 04 दिसम्बर को विजयवाड़ा से सिंगापुर की अंतर्राष्ट्रीय उड़ान का उद्घाटन करने तथा एकीकृत यात्री टर्मिनल भवन का शिलान्यास करने के पश्चात उपराष्ट्रपति विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर केन्द्रीय नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु, केन्द्रीय नागरिक विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री वाई रामाकृष्णुडू, आंध्र प्रदेश के कानून मंत्री कोल्लू रविन्द्र व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि विजयवाड़ा से सिंगापुर की अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सेवा से कनेक्टिविटी बढ़ेगी और राज्य के व्यापार और पर्यटन क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने आगे कहा कि 35000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में निर्मित नए टर्मिनल भवन में 1200 यात्री प्रति दिन के परिचालन की क्षमता हैं। इसकी लागत 611 करोड़ रुपये है।

नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा से दक्षिण पूर्व एशिया में भारत की पहुंच बढ़ेगी। आंध्र प्रदेश, भारत और दक्षिण पूर्व एशिया का मुख्य द्वार बन जाएगा।

श्री नायडू ने कहा कि सरकार ने देश में अवसंरचना को बेहतर बनाने तथा वायु कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उड़ान जैसी योजनाओं से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकारों को समृद्ध तथा समावेशी नए भारत के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए। पिछले पांच वर्षों के दौरान विमान यात्रियों की संख्या में 14.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पता चलता है कि इस क्षेत्र में सुधार व प्रणालीगत विकास से देश विमान रख-रखाव व मरम्मत के क्षेत्र में वैश्विक केन्द्र बन सकता है।

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