हिन्दी भाषा के लिए ममता सरकार का महत्वपूर्ण फैसला



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 16 दिसम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

राज्य में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से बांग्ला के साथ-साथ दूसरी भारतीय भाषाओं को भी विकसित करने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। उर्दू-गुरूमुखी के लिए जहां दूसरी भाषा का प्रावधान किया गया है वहीं उच्च माध्यमिक में बांग्ला और अंग्रेजी के साथ इस साल हिन्दी भाषा में भी प्रश्नपत्र छापने शुरू किए गए, जिससे छात्र-छात्राएं काफी लाभान्वित हुए। अब हिन्दी भाषा को लेकर पढ़ाई करने वालों के लिए छात्र-वृत्ति शुरू की गई है। इसका नाम हिन्दी स्कालरशिप रखा गया है।

गौरतलब बात यह है कि जिनकी मातृभाषा हिन्दी नहीं है और गैर हिंदी भाषी होते हुए भी बंगाल में निवास कर रहे हैं। ऐसे छात्र-छात्राओं को हिन्दी के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए स्कालरशिप चालू की गई है। इस बीच विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। माना जा रहा है कि हिन्दी को दूसरी भाषा के लोगों में विकसित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह परियोजना चालू की है। राज्य की ओर से एलान किया गया है कि माध्यमिक-उच्च माध्यमिक से लेकर सीधे एम फिल और पीएचडी तक यह स्कालरशिप प्रदान की जाएगी।

राज्य सरकार के सूत्रों का मानना है कि इस फैसले के कारण राज्य के लाखों छात्र-छात्राओं को फायदा मिलेगा। मालूम हो कि सिर्फ कोलकाता में ही 350 से ज्यादा हिन्दी मीडियम के प्राइमरी और माध्यमिक स्कूल हैं। ऐसे स्कूलों में पढ़ने वाले कम से कम 30-35 फीसद विद्यार्थियों की मातृ भाषा हिन्दी नहीं होती है। इस साल उच्च माध्यमिक परीक्षा में हिन्दी भाषा में परीक्षा देने वालों की संख्या डेढ़ लाख से भी ज्यादा थी। इसके साथ ही कलकत्ता विश्वविद्यालय के तहत 30 से भी ज्यादा कालेजों में हिन्दी आनर्स पढ़ाई जाती है। जबकि 120 कालेजों में हिन्दी जनरल पाठ्यक्रम की पढ़ाई होती है। कलकत्ता विश्वविद्यालय में हिन्दी में स्नातकोत्तर करने वाले 70 फीसद विद्यार्थियों की मातृभाषा हिन्दी नहीं होती है। मालूम हो कि ऐसे हिन्दी पढ़ने वाले छात्रों में 20-25 फीसद बंगाली छात्र होते हैं।

मालूम हो कि हाल में राज्य में हिन्दी के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में हिन्दी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने का एलान किया था। इसके बाद दूसरी भाषा के होते हुए भी हिन्दी भाषा में पढ़ाई करने वालों के लिए उन्होंने स्कालरशिप चालू की है। आगामी 30 दिसंबर तक 2018 में 60 फीसद से ज्यादा नंबर हासिल करके माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, स्नातक पास करने वाले छात्र-छात्राओं में जिसका एक विषय हिन्दी भी हो, स्कालरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं। इतना ही नहीं, हिन्दी भाषा में पीएचडी, एमफिल, एमलिट करने वाले भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News