--- हरेन्द्र शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, वाराणसी
☆ मालवीय जी की प्रतिमा पर कालिख पोतने का मामला झूठा
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में गत दिनों छेड़खनी को लेकर आन्दोलित छात्राओं पर हुये बर्बर लाठीचार्ज की घटना के लिए सीधे तौर पर वाइसचांसलर प्रो• गिरिश चन्द्र त्रिपाठी को जिम्मेदार करार दिया है। महिला आयोग का यह मानना है कि विश्वविद्यालय का कुलपति होने का दायित्व निभाने की बजाए उन्होंने परिसर में पुलिसबल को प्रवेश दिया। रात्रि में पुरुष पुलिसकर्मियों ने छात्राओं पर बर्बर लाठीचार्ज किया। इस घटना में महिला महाविद्यालय के छात्रावास की वार्डेन भी लाठियों की शिकार हुई।
बीएचयू में छात्राओं पर लाठीचार्ज मामले की जांच पूरी करने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि छात्र-छात्राओं और संबंधित लोगों के बयान और तथ्यों से यह बात साफ है कि वाइसचांसलर की संवादहीनता के चलते इतनी बड़ी घटना हुई। अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर लगभग 40 घंटे तक धरने पर बैठी छात्राओं के बीच जाने और बातचीत कर उनकी समस्या जानने का वाइसचांसलर ने प्रयास नहीं किया। आयोग की अध्यक्ष ने छात्राओं पर लाठीचार्ज न होने के वाइसचांसलर के दावे को झूठा बताया। आयोग के अध्यक्ष का कहना था कि बयान देने वाली छात्राओं ने साफ शब्दों में बताया कि उन पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया था।
हालांकि लाठीचार्ज की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं। मौके पर महिला पुलिसकर्मी न होने के कारणों के बारे में एसएसपी से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि बीएचयू प्रशासन की ओर से लंका थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में एक छात्रा और 9 छात्रों को नामजद किया गया है। एसएसपी से मिली जानकारी के मुताबिक फोरेंसिक जांच में प्रतिमा पर कालिख पोते जाने की पुष्टि नहीं हुई है।