10 जनवरी के बाद चैनल चुनने वालों को होगा फायदा



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 04 जनवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

टीवी के रंगीन पर्दे पर विभिन्न चैनल देखने के लिए केबल या दूसरे आपरेटर की मर्जी के चैनल देखने का यह अंतिम महीना है। यह महीना पूरा होने के पहले आपको अपने केबल आपरेटर को सूचित करना होगा कि कौन-कौन से चैनल देखना चाह रहे हैं। आगामी एक फरवरी से टीवी देखने के नए नियम लागू हो रहे हैं। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि 10 जनवरी तक एमएसओ-ब्राडकास्टर सभी को ट्राइ को यह बताना होगा कि चैनलों की दर क्या है। इस बीच चैनल के पैकेज दर में छूट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में ट्राई की ओर से दायर की गई याचिका वापस लिए जाने के कारण मामला अदालत में खारिज हो गया है। ट्राई की ओर से कहा गया था कि कोई भी ब्राडकास्टर संस्था अपने चैनल के पैकेज की दर अलग-अलग चैनलों के जोड़ के कुल योग से 15 फीसद से ज्यादा कम नहीं कर सकेगी। लेकिन अदालत में मामला खारिज होने के बाद अब चैनल दिखाने वालों को छूट मिल गई है कि वे पैकेज की दर कुछ भी रख सकते हैं। माना जा रहा है कि इससे विभिन्न चैनल दिखाने वालों को ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने का खास मौका मिल गया है। अब 10 जनवरी तक ब्राडकास्टर संस्थाएं ज्यादा से ज्यादा छूट देकर पैकेज का एलान कर सकते हैं।

मालूम हो कि ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए सोनी समेत कई ब्राडकास्टरों की ओर से अपने पहले से घोषित पैकेज में कमी शुरू कर दी गई है। जी, टाइम्स नेटवर्क और टीवी-18 के बाद सोनी पिक्चर्स चौथी ब्राडकास्टर संस्था है जो चैनलों की दर और पैकेज की दर में संशोधन कर रहे हैं। पहले चार संस्थाओं ने जिस पैकेज का एलान किया था, इसमें ज्यादातर ने कमी कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दर में आगामी कुछ दिनों में और कमी होने वाली है। इसका कारण यह है कि डीटीएच और केबल टीवी के ज्यादातर दर्शक अभी तक जो 35-40 लोकप्रिय चैनल (पे) देखते हैं, अगर वे सारे चैनल देखना चाहेंगे तो कम से कम खर्च 600 रुपए हो जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले महीने पहली बार जब ब्राडकास्टर संस्थाओं ने अपने चैनलों की अलग-अलग दर घोषित की थी, तब हिसाब करके देखा जा रहा था कि 35-40 पे चैनल देखने के लिए कर समेत मासिक 785 रुपए खर्च हो रहा था। इसके साथ 100 फ्री टू एयर चैनल के बाद प्रत्येक 25 चैनलों के लिए नेटवर्क कैपेसिटी चार्ज के तौर पर महीने में अतिरिक्त 20 रुपए -35 से 40 चैनल के लिए 40 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। इस मामले में एक एचडी चैनल को दो एसडी चैनल के तौर पर गिना जाएगा। इस तरह 25 एचडी चैनलों के लिए 40 रुपए का भुगतान करना होगा।

हालांकि पहले कहा जा रहा था कि नई पद्धति के कारण लोगों का केबल टीवी देखने का खर्च कम हो जाएगा, लेकिन ताजा दरों से ऐसा नहीं लगता है। फ्री टू एयर चैनल देखने के लिए कम से कम 150 रुपए चार्ज के अलावा कर देना होगा। मौजूदा ग्राहक आम तौर पर 200-230 रुपए प्रतिमाह केबल देखने के लिए खर्च करते हैं। जबकि नई पद्धति में किसी एक कंपनी का 45 रुपए का पैकेज लेने पर ही यह दो सौ रुपए कर समेत पार कर जाएगा। केबल आपरेटरों का कहना है कि बंगाल में आम परिवार 17 पे चैनल ही देखता है , जिसमें मनोरंजन, फिल्म, खेल, समाचार, कार्टून के चैनल देखते हैं। आ ला कार्त सिस्टम पर 17 चैनल देखने का खर्च 210-220 रुपए हो सकता है। इसके साथ बेसिक फ्री टू एयर चैनल का खर्च जोड़कर यह 400 रुपए से 420 रुपए हो सकता है। लोकप्रिय चार ब्राडकास्टर संस्था के पांच पैक देखने पर भी खर्च करीब इतना ही पड़ेगा। कोई भी एमएसओ संस्था 500 रुपए से कम में चैनलों के पैकेज नहीं दे सकेंगे।

दूसरी ओर, रिलायंस ने हैथवे, डेन और जीटीपीएल नामक मुख्य एमएसओ संस्थाओं को खरीद कर केबल कारोबार में भी कदम रख दिया है। टीवी-18 का मालिकाना भी मुकेश अंबानी के पास ही है। इसलिए हैथवे के पैक में खास तौर पर टीवी-18 के ही ज्यादातर चैनल हैं। जबकि सिटी केबल ने जी के चैनलों को लेकर पैकेज बनाया था। अब जबकि अदालत में मामला खारिज हो गया है, यह पैकेज की दर कम से कम करने की छूट मिल गई है। इससे 10 जनवरी का इंतजार टीवी ग्राहकों के लिए फायदेमंद होगा।

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