मुकुल समर्थकों की राह नहीं है आसान 



कोलकाता। मुकुल राय तृणमूल कांग्रेस में नहीं हैं लेकिन अभी भी सत्ताधारी दल की नजरें उनपर लगी हुई है। छह साल के लिए दल से निष्कासित किए जाने के बाद वे आगे की क्या रणनीति बनाते हैं, इस बारे में दुर्गापूजा के बाद मुकुल ने घोषणा करने का एलान किया था। माना जा रहा है कि दो-चार दिन में वे संवाददाता सम्मेलन करके अपना पक्ष लोगों को बताएंगे। तब तक प्रतीक्षा करने के बाद आगे की कार्रवाई तृणमूल तय करेगी। इसके बाद होने वाले अभियान में राज्य व कोलकाता पुलिस का भी व्यवहार किया जा सकता है। इस बीच, मुकुल के करीबी लोगों की सूची बनाई जा रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस में दर्ज पुराने मामलों को खंगाला जा रहा है। बताया जाता है कि जिले से मंत्री बनने वाले एक नेता पर सत्ताधारी दल की खास नजरें हैं। इतना ही नही, कोलकाता में किस कार्यालय से किन लोगों के साथ मुकुल राजनीतिक गतिविधियां चला रहे हैं, कोलकाता पुलिस की इस पर भी नजरें लगी हुई हैं।

सूत्रों का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस की आडिट रिपोर्ट समेत दल विरोधी काफी कागजात मुकुल ने सीबीआइ तक पहुंचाए हैं। बताया जाता है कि अभिषेक बनर्जी की संस्था पर भी सीबीआइ की नजरें लगी हुई हैं। तृणमूल सांसद के• डी• सिंह की भूमिका की भी निगरानी की जा रही है। मालूम हो कि पुरूलिया शहर में मुकुल राय का होर्डिंग लगाने के बाद पुलिस ने दो तृणमूल समर्थकों परामनंद महतो व मुकेश साव को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि प्रताड़ित किए जाने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया है लेकिन राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि मुकुल समर्थकों को हतोत्साहित करने के लिए ऐसा किया गया है।

इधर, राष्ट्रवादी तृणमूल कांग्रेस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि दल के अध्यक्ष अमिताभ मजूमदार ने एक बयान जारी करके कहा है कि दल गठन में मुकुल राय की खास भूमिका थी लेकिन तृणमूल में रहने के कारण वे खुल कर कुछ नहीं कह सके थे। अब वे तृणमूल में नहीं हैं और भाजपा की ओर रुझान दिख रहा है। हमारा मानना है कि वे इस दल में शामिल हों। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वे हमारे साथ नहीं आते, तब भी कोई समस्या नहीं है। हम प्रगतिशील धर्मनिरपेक्ष किसी भी दल के साथ गठबंधन करके पंचायत चुनाव में मुकाबला करेंगे। मालूम हो कि मजूमदार का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि लोगों को बताया जा सके कि वे इस दल के सदस्य नहीं हैं और किसी भी दल में शामिल हो सकते हैं।

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