नितिन गडकरी 08 फरवरी को अयोध्‍या व प्रयागराज में, आधारशिला रखेंगे व उद्घाटन करेंगे



उत्तर प्रदेश, 07 फरवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

॥■॥ नितिन गडकरी 08 फरवरी को अयोध्‍या में 7195 करोड़ रुपये की 5 राष्‍ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे

केन्‍द्रीय सड़क परिवहन तथा राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी 08 फरवरी 2019 को अयोध्‍या में 7195 करोड़ रुपये की 632 किलोमीटर लंबी पांच राष्‍ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

इन परियोजनाओं में 55 करोड़ रुपये की लागत से लखनऊ-अयोध्‍या राजमार्ग के अयोध्‍या सेक्‍शन का सौन्‍दर्यकरण, 1081 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्‍या–वाराणसी राजमार्ग के अयोध्‍या-अकबरपुर सेक्‍शन को चार लेन का बनाना, 1289 करोड़ रुपये की लागत से 46 किलोमीटर का चार लेन का अयोध्‍या रिंग रोड़ निर्माण 478 करोड़ रुपये की लागत से राम वनगमन मार्ग के 44 किलोमीटर के मोहनगंज-श्रींगवेरपुर का निर्माण, 896 करोड़ रुपये की लागत से अयोध्‍या के 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के 91 किलोमीटर के बीकापुर-रूदौली-मुरतिहनघाट का निर्माण शामिल हैं। राम वनगमन मार्ग परियोजना अयोध्‍या से चित्रकूट तक 262 किलोमीटर का है और इसे 2020 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। अयोध्‍या का 84 कोसी परिक्रमा मार्ग 275 किलोमीटर लंबी परियोजना है, जिसकी अनुमानित लागत 2750 करोड़ रुपये है।

इन परियोजनाओं से अयोध्‍या से चित्रकूट और अंबेडकर नगर सीधे जुड़ जाएंगे। 84 कोसी मार्ग अयोध्‍या के आसपास तीर्थयात्रियों की आवाजाही में सहायता देगा। अयोध्‍या रिंग रोड से शहर में यातायात भीड़भाड़ कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। परियोजनाएं तीर्थ यात्रा में भी सहायक होंगी और अयोध्‍या तथा वाराणसी क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्‍साहन देंगी, जिससे क्षेत्र के लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।


॥■॥ नितिन गडकरी प्रयागराज में फरक्का-पटना के बीच दूसरे चरण की नदी सूचना प्रणाली का उद्घाटन करेंगे

केन्द्रीय जहाजरानी, सड़क परिवहन और राजमार्ग, जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी 08 फरवरी 2019 को प्रयागराज में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा नदी) पर 410 किलोमीटर लंबे फरक्का-पटना मार्ग के बीच नदी सूचना प्रणाली के दूसरे चरण का उद्घाटन करेंगे। वे इस अवसर पर फरक्का में नेवीगेशन लॉक का शुभारंभ भी करेंगे, जिससे गंगा में हिल्सा मछलियों के प्रजनन और नदी पारिस्थितिकी प्रणाली को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

• नदी सूचना प्रणाली-आरआईएस (फरक्का-पटना)

राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर 410 किलोमीटर लंबे फरक्का-पटना मार्ग पर नदी सूचना प्रणाली के दूसरे चरण का उद्घाटन होने से इस मार्ग पर चलने वाले जहाजों और नदी किनारे बने आधार स्टेशनों के बीच इलेक्ट्रॉनिक डाटा का तेज गति से आदान-प्रदान हो सकेगा। यह एक प्रकार की जहाज यातायात प्रबंधन प्रणाली है, जिसमें अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से जहाजों के बीच टक्कर, जहाज और पुल के टकराने की घटनाओं को रोकने तथा जल परिवहन से जुड़ी सभी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है। यह प्रणाली यूरोप, चीन और अमरीका जैसे देशों में उन्नत जल परिवहन के लिए इस्तेमाल की जाती है। नदी सूचना प्रणाली के दूसरे चरण में– मनिहारी, भागलपुर, मुंगेर, बाढ़ और हतिदह में पांच आधार स्टेशन बनाए गए हैं, जबकि पटना में एक कंट्रोल स्टेशन बनाया गया है। भारतीय जलमार्ग प्राधिकरण इस परियोजना को तीन चरणों में लागू कर रहा है। पहला चरण 2016 में 57 करोड़ रुपये की लागत से हल्दिया-फरक्का के बीच 545 किलोमीटर लंबे जलमार्ग पर शुरू किया गया था। पटना और वाराणसी के बीच 356 किलोमीटर जलमार्ग पर यह परियोजना प्रगति पर है।

• फरक्का नेवीगेशन लॉक की मदद से हिल्सा मछलियों का संरक्षण

विकास का पर्यावरण अनुकूल टीकाऊ सुरक्षित और किफायती मॉडल विकसित करने की भारतीय जलमार्ग प्राधिकरण की प्रतिबद्धता के अनुकूल फरक्का में बनाया गया नेवीगेशन लॉक गंगा नदी में हिल्सा मछलियों के प्रजनन और उनके एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने को आसान बनाएगा। फरक्का नेवीगेशन लॉक के तहत जलमार्ग विकास परियोजना के जरिए नदी में हिल्सा मछलियों के लिए अलग से गलियारा बनाया गया है। 1976 में फरक्का नेवीगेशन लॉक के निर्माण के बाद से नदी में हिल्सा मछलियों की गतिविधियां फरक्का तक सीमित रह गई थी, लेकिन अब जलमार्ग विकास परियोजना के जरिए अलग से मछलियों के गलियारा बन जाने से इनका एक स्थान से दूसरे स्थान आना-जाना आसान हो गया है। बांग्लादेश की राष्ट्रीय मछली होने के साथ ही पश्चिम बंगाल में भी हिल्सा का काफी सांस्कृतिक महत्व है।

मछलियों के लिए बनाए जाने वाला विशेष गलियारा बांधों और झरनों के आसपास बनाया जाता है, ताकि मछलियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर आने-जाने के लिए प्राकृतिक माहौल मिल सके। जलमार्ग विकास परियोजना के तहत राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर फरक्का में 361.35 करोड़ रूपये की लागत से अत्याधुनिक नेवीगेशन लॉक बनाया जा रहा है, जो जून 2019 में पूरा हो जाएगा। परियोजना के लिए विश्व बैंक की ओर से 5369 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी गई है।

नितिन गडकरी कुम्भ मेले में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से आयोजित एक प्रदर्शनी भी देखने जाएंगे।





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