कानपुर/लखनऊ, 23 फरवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
जी•पी•ओ• गांधी प्रतिमा हजरतगंज लखनऊ पर राष्ट्रीय निषाद संघ, नेशनल एसोसिएशन आफ फिशरमैन एवं राष्ट्रीय अपना दल के तत्वाधान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन मझंवार गोंड, तुरैहा की उप जातियों मल्लाह केवट बिन्द कहार धुरिया बाथम रायकवार आदि जातियों को प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर किया गया। प्रदेश अध्यक्ष कैलाश निषाद ने कहा कि सेन्सस आफ इंडिया 1961 के अनुसार माझी मल्लाह केवट, गोंड, मझंवार की उपजातियां हैं लेकिन शासन-प्रशासन के द्वारा इन जातियों को मझवार जाति का प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार ने अपने अपने घोषणा पत्र संकल्प पत्र में वादा किया था कि मझवार, गोंड़ की उप जातियों को सरकार बनने पर प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
चौधरी परशुराम निषाद ने कहा मछुआरों के परंपरागत पेशों पर सामंती माफियाओं का कब्जा होने से पुश्तैनी पेशेवर जातियां अपने परंपरागत अधिकारों से वंचित हो रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से 1994 - 95 बालू मौरंग खनन एवं मत्स्य पालन पट्टा से संबंधित शासनादेश बहाल करने की मांग की।
तूफानी निषाद ने कहां कि मछुआरा समाज के साथ प्रदेश व केंद्र की सरकारों ने अब तक छलावा किया है और उनके हक अधिकारों को छीनने का काम किया है। उत्तर प्रदेश की सरकार चुनाव के पहले मझवार की उपजातियां मल्लाह केवट बिंद कहार गुड़िया बाथम रैकवार आज जातियों को परिभाषित कर प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए तो लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशियों को हराने का कार्य निषाद समुदाय करेगा।
इस धरना को राष्ट्रीय अपना दल के प्रदेश अध्यक्ष रामसेवक निषाद, राष्ट्रीय निषाद संघ के जिला अध्यक्ष सुरेश कश्यप, राजू कश्यप, जगदीश प्रसाद निषाद, नीरज निषाद, मनोहर लाल निषाद, अमरदीप निषाद, अशोक निषाद, जितेंद्र कश्यप, मुकेश कश्यप, मनोज निषाद, नरेंद्र साहनी, ब्रज मोहन सिंह, सुभाष निषाद, विश्वनाथ निषाद, एडवोकेट प्रेमनाथ निषाद सहित आदि लोगों ने संबोधित किया।