माध्यमिक के पाठ्यक्रम में बदलाव की तैयारी



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 06 मार्च 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

माध्यमिक का पाठ्यक्रम बदलने जा रहा है। समय के साथ ताल मिलाने के तहत इसमें फेरबदल किया जा रहा है। हालांकि इस मामले में बदलाव के बाद पहली परीक्षा 2022 में होगी। इसके पहले 2020 में नौंवी कक्षा में यह पाठ्यक्रम की पढ़ाई चालू हो जाएगी। माध्यमिक में अब जो पाठ्यक्रम चल रहा है, सिलेबस कमेटी उसके बारे में जांच करेगी। शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कमेटी को यह निर्देश दिया है।

इस बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि सिलेबस कमेटी से माध्यमिक के पाठ्यक्रम की समीक्षा करने के लिए कहा गया है। मामले की जांच के बाद वे प्रस्ताव पेश करेंगे, इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बातचीत करके फैसला लिया जाएगा।

मालूम हो कि बीते हफ्ते विभिन्न शिक्षक संगठनों के साथ शिक्षा मंत्री ने बैठक की थी। इस बैठक में पाठ्यक्रम में बदलाव के बारे में शिक्षक संगठनों की ओर से कहा गया था। सिलेबस कमेटी के अध्यक्ष अभिक मजूमदार का कहना है कि शिक्षा मंत्री ने पिछले हफ्ते ही माध्यमिक में चलने वाले सिलेबस की समीक्षा करने के लिए कहा था। उन्होंने कई खास बातों पर ध्यान देने के लिए कहा था। इसलिए हमारा काम इस बारे में चालू हो गया है। हमारा मुख्य लक्ष्य माध्यमिक के पाठ्यक्रम को समय के साथ तालमेल करके बनाना है।

गौरतलब है कि माध्यमिक में फिलहाल 7 विषय हैं। इन बाध्यतामूलक विषयों में पास करने के लिए 30 नंबर की जरुरत होती है। दूसरी ओर, आइसीएसई की ओर से दसवीं की परीक्षा में अंग्रेजी समेत किसी भी चार विषय में पास करने पर ही पास माना जाता है। सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा में भले ही 6 विषय हैं, लेकिन 5 विषय में सर्वोच्च नंबर हासिल करने वाला नियम लागू है। इस तरह गणित में फेल करने वाला छात्र दोनों बोर्ड के तहत दसवीं की परीक्षा पास कर सकता है। बताया जाता है कि शिक्षा मंत्री की ओर से कमेटी को इस तरह की बातों पर खास ध्यान देने के लिए कहा गया है, जहां राज्य के छात्र दूसरे बोर्ड के मामले में पिछड़ जाते हैं।

सूत्रों ने बताया कि माध्यमिक में नया पाठ्यक्रम 2015 साल में चालू हुआ था, इसके तहत पहली माध्यमिक की परीक्षा 2017 में हुई थी। इसके तहत सीसीई चालू किया गया है। प्रश्नों के पैटर्न और मुल्यांकन में भारी परिवर्तन किया गया। 10 नंबर की मौखिक परीक्षा के बदले इंटरनल मुल्यांकन चालू किया गया। इसके साथ ही एमसीक्यू, संक्षिप्त प्रश्न और लघु प्रश्न चालू किए गए। पांच साल पहले चालू किए गए पाठ्यक्रम में फेरबदल नहीं कर सकते, इसलिए 2020 में नौंवी में और 2022 में दसवीं में नए पाठ्यक्रम के तहत परीक्षा होने की उम्मीद जाहिर की जा रही है।

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