ममता को क्लीन चिट दिए जाने से राज्य भाजपा नेता हताश



--- रंजीत लुधियानवी, वरिष्ठ पत्रकार, कोलकाता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही नहीं सभी भाजपा के छोटे-बड़े नेता शारदा चिटफंड घोटाला और नारद स्टिंग आपरेशन मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस से अलग होने पर विरोधी दल के नेताओं की ओर से माना जा रहा था कि मुकुल राय मुख्यमंत्री के खिलाफ विस्फोटक बयान देंगे। कहा जा रहा था कि ममता के सबसे ज्यादा करीबी रहे, तृणमूल में नंबर दो माने जाते मुकुल उनके खिलाफ ऐसी-ऐसी जानकारियां देंगे जिससे उन्हें सत्तारूढ़ दल पर हल्ला बोलने में आसानी रहेगी। लेकिन सासंद पद से इस्तीफा देने के बाद अपने संवाददाता सम्मेलन में किसी तरह का जहर उगलने के बजाए मुख्यमंत्री को आर्थिक घोटालोें में क्लीन चिट प्रदान की, जिससे राज्य भाजपा के नेताओं में हताशा साफ दिख रही है।

मालूम हो कि पत्रकारों ने मुकुल राय से पूछा था कि क्या आप नहीं मानते कि शारदा-नारद जैसे मामलों के बारे में ममता को जानकारी नहीं थी ? पूर्व रेल मंत्री, बागी तृणमूल नेता ने कहा कि ममता बनर्जी को इन मामलों की कुछ जानकारी नहीं थी। तृणमूल कांग्रेस के जिन नेताओं के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें मुकुल ने उनका व्यक्तिगत मामला बताया।

प्रदेश भाजपा नेता दिलीप घोष से इस मामले में जब पत्रकारों ने पूछा तो उनका कहना था कि उन मामलों में तो मुकुल खुद भी शामिल हैं। जब यह पूछा गया कि क्या खुद को बचाने के लिए वे ऐसा बयान दे रहे हैं ? सीधे जवाब देने के बजाए भाजपा नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई मामले की जांच कर रही है। उलटा सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा कि एक विचाराधीन मामले में मुकुल राय कैसे टिप्पणी कर सकते हैं ? हालांकि पत्रकारों से इस मामले में खड़गपुर के विधायक ने ज्यादा बातें नहीं की।

माकपा पोलिटब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम का कहना है कि कभी भाजपा ने भाग मुकुल भाग का नारा दिया था, अब समझ आ रहा है कि सारा कुछ मिलीभगत थी। हालांकि साथ ही उन्होंने कहा कि हाल तक मुकुल ने तृणमूल में रहते हुए जो गलत काम किए हैं, उसके लिए उन्हें सबसे पहले राज्य के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

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