---उमेश तिवारी, हावड़ा, 25 अप्रैल 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● 5 वकील सहित आठ घायल
बुधवार 24 अप्रैल को हावड़ा नगर निगम परिसर में तथा उसके सामने उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब कानून के रक्षकों ने कानून को हाथ में ले लिया। हावड़ा कोर्ट के वकीलों ने बाइक पार्किंग को लेकर हुई एक घटना पर पूरे 6 घंटे तक हावड़ा की रफ्तार को रोक दिया। ना सिर्फ हावड़ा नगर नगर निगम कर्मचारियों के साथ उनकी झड़प हुई बल्कि इन्होंने समाचार संग्रह करने गए पत्रकारों को भी पीट दिया।
घटना की सूचना मिलते ही हावड़ा सिटी पुलिस के डीसी साउथ भावना गुप्ता, एसीपी साउथ गुलाम सरवर भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे लेकिन इस झगड़े को शांत कराने में सफल नहीं हुए। इसके बाद डीसी साउथ बीएससी अनंतनाग रैफ के साथ घटनास्थल पर उपस्थित हुए। काफी देर तक वे माइक पर भीड़ को समझाते रहे लेकिन भीड़ पर उनके अपील का कोई असर नहीं हुआ।
इसी बीच दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हुई। इस पत्थरबाजी में कई लोग घायल हो गए। पुलिस को भी इन पत्थरबाजों से चोट पहुंची। देखते ही देखते एक छोटी सी घटना ने बहुत बड़ा रूप ले लिया और हावड़ा नगर निगम और हावड़ा जिला अदालत दोनों में इस मुद्दे को लेकर आतंक व्याप्त हो गया। घटना ऐसी थी जिससे पूरा हावड़ा अचल हो गया। भीड़ को खदेड़ने के लिए हावड़ा सिटी पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस लाठीचार्ज में कई अधिवक्ता भी घायल हुए व आम लोगों को भी चोट पहुंची। घटना ऐसी भीषण थी कि इसका असर हावड़ा ब्रिज तक हुआ और हावड़ा ब्रिज पर जाम हो गई।
हावड़ा कोर्ट के वकीलों का आरोप है कि जिन लड़कों ने उनके साथी अधिवक्ता को पीटा है, उन्हें उनके हवाले कर दिया जाए लेकिन पुलिस यह मानने के लिए तैयार नहीं थी। घटना की सूचना मिलते ही राज्य के सहकारिता मंत्री अरूप राय भी पहुंचे।
मंत्री अरूप राय ने बार-बार वकीलों से अपने इस आंदोलन को समाप्त करने की अपील की लेकिन वकीलों के भीड़ पर इसका भी कोई असर नहीं पड़ा। गो बैक अरूप राय के नारे लगे। भीड़ के उग्र रूप को देखकर अरूप राय भी वहां से वापस चले गए। हालांकि उन्होंने हावड़ा कारपोरेशन के अंदर जाकर वहां के कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की।उनके निकलने के थोड़ी देर बाद ही फिर दोनों ओर से ईटों की बरसात शुरू हो गई।
पुलिस के बार बार समझाने के बावजूद भी जब वकीलों की भीड़ कुछ सुनने के लिए तैयार हुई। तब पुलिस ने उन्हें पीछे हटने का वार्निंग दिया हालांकि पुलिस के इस वार्निंग का भी वकीलों पर कोई असर नहीं हुआ। तभी बंकिम सेतु के नीचे हावड़ा नगर निगम के दूसरे गेट पर वकीलों और कर्मचारियों के बीच एक बार फिर पत्थरबाजी शुरू हो गई।
इसी बीच वहां समाचार संग्रह करने गए कुछ इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकारों को भी वकीलों ने नहीं बख्शा। उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी। हालात इतने बेकाबू थे कि कोई कुछ सुनने के लिए तैयार ही नहीं था।
अंततः पुलिस ने हावड़ा जिला अदालत के अंदर घुसकर वकीलों को वहां से खदेड़ा। इसके बाद हावड़ा नगर निगम के अंदर फंसे जो दूसरे कर्मचारी थे उन्हें वहां से निकाला गया। इस घटना में अधिवक्ताओं को चोटे आई है। उनमें हावड़ा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष समीर बसु, अधिवक्ता राजीव सिंह, अधिवक्ता सुमन गुप्ता, अधिवक्ता स्वरूप बनर्जी, अधिवक्ता पार्थो दत्त और इस घटना का सूत्रपात करने वाले अधिवक्ता सूजन भगत।
● क्या है घटना
सुबह 10:30 बजे के करीब हावड़ा कोर्ट के अधिवक्ता सूजन भगत अपनी बाइक लगाने के लिए हावड़ा कारपोरेशन के अंदर गए। वहां बाइक लगाते देख हावड़ा नगर निगम के सुरक्षाकर्मियों ने उनसे बाइक ले जाने के लिए कहा लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में बहश शुरू हो गयी। उस अधिवक्ता के साथ निगम के सुरक्षाकर्मी उलझ गए। इस घटना की खबर मिलते ही हावड़ा जिला अदालत के वकीलों का एक जत्था हावड़ा नगर निगम के अंदर घुस आए और उन्होंने वहां के कर्मचारियों से मारपीट की। घटना की जानकारी जब हावड़ा नगर निगम के दूसरे कर्मचारियों को मिली तो वे भी अपने अपने कार्यालय से निकले और वकीलों से भिड़ गए। बात सिर्फ यही नहीं रुकी। हावड़ा नगर निगम के कर्मचारियों ने हावड़ा जिला अदालत के अंदर घुसकर वकीलों के रेस्त्रां को तोड़फोड़ कर दिया। इतना सुनते ही हावड़ा जिला के अदालत के दूसरे वकील रास्ते पर उतर आए और उन्होंने काम बंद कर दिया और सड़क को अवरुद्ध कर दिया। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस से उन्होंने सूजन भगत को मारने वाले हावड़ा नगर निगम के कर्मचारियों को पकड़ने या उन्हें सौंपने की मांग करने लगे लेकिन पुलिस ने उनकी मांग नहीं मानी। कुल मिलाकर एक छोटी सी घटना ने पूरे हावड़ा शहर को अचल कर दिया। हावड़ा ब्रिज, जीटी रोड, नेताजी सुभाष रोड, साल्किया, डबसन रोड सहित दूसरे कई सड़क बिलकुल जाम पड़ गए। इस घटना की दोनों ओर से हावड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है हालांकि इस घटना में किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।