भाजपा बंगाली हिंदू विरोधी दल - तृणमूल



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 09 मई 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

भाजपा बंगाली हिंदू विरोधी दल है, तृणमूल के केंद्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने यह दावा किया है। मालूम हो कि मौजूदा लोकसभा चुनाव के दौरान तकरीबन प्रतिदिन तृणमूल कांग्रेस की ओर से एक वीडियो क्लीपिंग सोशल मीडिया पर जारी की जा रही है। आउटसाइड पार्लियामेंट शीर्षक की वीडियो सीरीज के लिए अलग-अलग विषय का चुनाव डेरेक करते हैं। अब एक वीडियो में तृणमूल के राज्य सभा के सांसद बंगाली हिंदुओं के खिलाफ भाजपा के अभियान को लेकर सामने आए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तक विभिन्न जनसभाओं में यह आरोप लगाते रहे हैं कि बंगाल में दुर्गापूजा, सरस्वती पूजा करने में बाधा डाली जाती है। इस बारे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जनसभाओं में इसका करारा जवाब दे रही हैं। ममता का कहना है कि एनआरसी के बहाने भाजपा बंगालियों को देश से खदेड़ना चाहती है। मुख्यमंत्री की ओर से पहले से ही एनआरसी के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। सीमावर्ती इलाकों में भाजपा एनआरसी लागू करने के मुद्दे को चुनाव में उछालती रही है।

डेरेक ने अपनी वीडियो में भाजपा की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का खंडन करते हुए बताया है कि वे क्यों भाजपा को बंगाली हिंदू विरोधी दल कहते हैं। उनका कहना है कि बंगाल में तकरीबन 28 हजार दुर्गापूजा होती है। राज्य के सभी स्कूल-कालेजों में सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता है। हालांकि मोदी राज्य में आकर भाषण देते हैं कि सरकार पूजा में रूकावट डालती है। डेरेक ने याद दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने दुर्गापूजा कमेटियों को 10-10 हजार रुपए अनुदान देने का एलान किया था, इस फैसले के विरोध में भाजपा ने अदालत में याचिका दायर करके इसे रुकवाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि महज अदालत तक जाकर ही वे नहीं रुके, बल्कि आयकर विभाग और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की ओर से 40 पूजा कमेटियों को आमदनी-खर्च का ब्योरा देने के लिए कह कर परेशान किया गया।

उन्होंने कहा कि कोलकाता के रेड रोड में मुख्यमंत्री ने दुर्गापूजा कार्नीवल चालू किया है। इस जगह ही ईद की नमाज पढ़ी जाती है। इसके नजदीक ही पार्क स्ट्रीट में क्रिसमिस कार्नीवल का आयोजन किया जाता है। जाति-धर्म का भेद भुला कर लोग इन सम्मेलनों में शामिल होते हैं। डेरेक का कहना है कि राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को खराब करने के लिए ही भाजपा की ओर से दुष्प्रचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि एनआरसी से यह साफ है कि वे हिंदू बंगालियों को देश से खदेड़ना चाहते हैं। डेरेक का कहना है कि असम में एनआरसी से 22 लाख बंगाली हिंदुओं का नाम काटा गया है, जिससे उनकी नागरिकता को लेकर संदेह व्याप्त है। उनका कहना है कि इस घटना से साफ है कि भाजपा बंगाली हिंदू विरोधी दल है।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News