अमित शाह की रैली रद्द होने पर घमासान



---रंजीत लुधियानवी, कोलकाता, 13 मई 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

महानगर के जादवपुर संसदीय क्षेत्र के तहत भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की रैली के लिए हेलिकॉप्टर उतरने की अनुमति नहीं मिलने के मुद्दे पर सोमवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस में घमासान मचा रहा। बाद में भाजपा ने वह रैली रद्द कर दी। पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर लोकतंत्र की बजाय तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि भीड़ नहीं जुट पाने के डर से ही पार्टी ने अमित शाह की प्रस्तावित रैली रद्द की है।

तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा के आरोप निराधार हैं। इस मामले से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। रैली फ्लाप होने के डर से भाजपा ने खुद ही उसे रद्द करने का फैसला किया।

वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पीडब्ल्यूडी विभाग से अनुमति नहीं मिलने की दलील देकर जिला प्रशासन ने अनावश्यक तौर पर अमित शाह के हेलिकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाशासक तृणमूल के काडर के तौर पर काम कर रहे हैं। पहले हेलीकाप्टर उतरने की अनुमति नहीं दी गई और उसके बाद रैली की अनुमति देने से भी मना कर दिया गया। इससे तृणमूल के तानाशाही रवैए का पता चलता है।

प्रदेश भाजपा सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद पार्टी अमित शाह की रैली आयोजित करने के पक्ष में थी। लेकिन ऐन मौके पर रैली की जमीन के मालिक ने भी इंकार कर दिया। पहले उसने अपनी जगह रैली के लिए किराए पर दी थी। प्रदेश भाजपा के एक नेता ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के दबाव में ही जमीन के मालिक ने अपनी सहमति वापस ले ली।

सूत्रों ने बताया कि रैली रद्द होने के बाद बारुईपुर इलाके में दोनों राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल पर भाजपाइयों के साथ मार-पीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रैली रद्द होने के बाद तृणमूल के लोग फब्बितयां कस रहे हैं। विरोध करने पर भाजपा समर्थकों की पिटाई की गई है।





Image Gallery
Budget Advertisement