आत्मरक्षा व मनोबल दोनों का फायदा



16 अक्टूबर। भारतीय खेल जगत में कराटे ने बड़ी तेजी से अपना मुकाम बनाना शुरू कर दिया और शायद यही वजह है कि इस वक्त पूरे राष्ट्र मे कराटे को नौजवान खिलाड़ी जज्बे के साथ अपना रहे हैं। खास तौर से लड़कियों ने इसे दूसरे तरीके से अपनाया है जो इस फन को अपनी हिफाजत कर सकने में सक्षम के लिए अपना रही हैं। इससे आत्मरक्षा व मनोबल दोनों का फायदा हो रहा है।

हावड़ा में एकेडेमी ऑफ मार्शल आर्ट्स (पंजीकृत) लड़कियों को नि:शुल्क कराटे का ट्रेनिंग दे रहा है। वहीं जिला, राज्य, राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करवाते हुए इनके हौसले बुलंद किए जा रहे हैं। इन लड़कियों में रूकेया परवीन सबसे आगे है। रूकेया ने दिसम्बर 2015 से कराटे सिखना शुरू किया और बहुत जल्दी आगे बढ़ते हुए सितम्बर 2016 में राज्य कराटे प्रतियोगिता में गोल्ड हासिल की साथ साथ अक्टूबर 2016 में आयोजित प्रतियोगिता में अलग-अलग श्रेणी में गोल्ड व ब्रांज पाया। वहीं दिसम्बर 2016 के जिला प्रतियोगिता में सिल्वर मैडल हासिल की। प्रयास निरंतर जारी रखते हुए जनवरी 2017 में सिल्वर, मार्च 2017 में गोल्ड, अगस्त 2017 में 2 गोल्ड हासिल की। वर्तमान में कोलकाता में आयोजित कोलकाता कराटे कप में भाग लेते हुए फाइट में फिर से गोल्ड मेडल प्राप्त किया।

इस कामयाबी पर एकेडेमी ऑफ मार्शल आर्ट्स हावड़ा के अध्यक्ष डा• अश्वनी कुमार, उपाध्यक्ष फैजल शमीम तथा सचिव व इन्सट्रक्टर हैदर अली ने मुबारकबाद दी।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News