पश्चिम बंगाल : एक लाख एनएसएस वोलंटियर युवाओं को बचाएंगे तंबाकू सेवन से



कोलकाता, 10 जून 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) ने तंबाकू सेवन के कारण होने वाले सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दों को दूर करने के लिए सेामवार को ‘प्लेज फॉर लाइफ-टोबैको फ्री यूथ ’अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत 1 लाख एनएसएस वेालंटियर पश्चिमी बंगाल में विभिन्न गतिविधियेां को आयेाजन करेंगे।

एनएसएस की क्षेत्रीय निदेशक डॉ• सरिता पटेल द्वारा रामकृष्ण मिशन आश्रम, नरेंद्रपुर में कोलकाता में संबंध हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) और नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के तकनीकी सहयोग से रामकृष्ण मिशन आश्रम में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में पश्चिम बंगाल के विभिन्न कॉलेजों के छात्र स्वयंसेवकों के साथ एनएनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और कार्यक्रम अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला के दौरान, वॉयस ऑफ टोबैको विक्टिम्स (वीओटीवी) के संरक्षक और कैंसर सर्जन कंसल्टेंट डॉ• अपूर्वा गर्ग ने कार्यशाला के प्रतिभागियों को तंबाकू सेवन के विनाशकारी प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने लेागों को बताया कि तम्बाकू सेवन के कारण उनके ओपीडी में मुंह के कैंसर से पीड़ित कई युवा मरीज आते हैं। इस मौके पर उन्होंने तंबाकू जनित बीमारियों से पीड़ित मरीजों और उनके परिवारों की पीड़ा को भी सुनाया। परिवारों की दुर्दशा और उनके जीवन में व्यवधान से एनएसएस प्रतिभागी परेशान थे।

उन्होंने आगे कहा कि तंबाकू के सेवन से 90 प्रतिशत ओरल और लंग कैंसर हो जाते हैं, जो न सिर्फ जानलेवा है बल्कि आर्थिक तबाही का बड़ा कारण है। दुर्भाग्य से मौखिक कैंसर पीड़ित जो मरीज सर्जरी कराते हैं वे एक वर्ष से अधिक जीवित नहीं रह पाते। इसलिए रोकथाम ही इसका बेहतर इलाज है। एनएसएस युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

रामकृष्ण मिशन आश्रम, नरेंद्रपुर के सचिव महाराज स्वामी सर्वलोकानंदा ने कहा कि पश्चिमी बंगाल को तबांकू मुक्त बनाने के लिए सकारात्मक पहल की जरुरत है। इससे युवाओं को इस बुराई से बचाया जा सकेग।

एनएसएस की क्षेत्रीय निदेशक सरिता पटेल ने कहा कि यह स्पष्ट है कि मानव जाति का एक बड़ा हिस्सा अब तंबाकू के लगातार उपयोग से दुष्प्रभावित है। युवाओं में तंबाकू का उपयोग धीरे-धीरे फैलने लगा है जो बहुत खतरनाक है। युवाओं से यह अपेक्षा की जाती है कि वे खुद को तंबाकू के आदी होने से रोकें और बड़े पैमाने पर लोगों में जागरूकता पैदा करें कि वे तंबाकू का उपयोग न करें।

इस दौरान कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे कभी भी तंबाकू को नहीं छूएंगे और परिवार, दोस्तों और अन्य लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने वर्ष 2019-20 के लिए प्लेज फॉर लाइफ अभियान के तहत एक कार्य योजना विकसित की है। इसके तहत एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा तंबाकू विरोधी गतिविधियों जैसे तंबाकू सेवन के खिलाफ शपथ दिलाना, विशेष शिविरों, वाद-विवाद एंव निबंध प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों आदि का आयोजन किया जाएगा।

एनएसएस द्वारा हमारी युवा पीढ़ियों को व्यसनों से बचाने के सामाजिक कारण के लिए यह एक बड़ी पहल है। पश्चिम बंगाल में एनएसएस की 1000 से अधिक इकाइयां हैं, जिनमें 1 लाख से अधिक स्वयंसेवक हैं। इन स्वयंसेवकों की ऊर्जा निश्चित रूप से तम्बाकू के कारण होने वाली मौतों की संख्या को कम करेगी, जो दुनिया भर में ज्ञात मौत का सबसे बड़ा रोकने योग्य कारण है।

डा• अर्पूवा ने बताया कि वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 2.39 करोड़ लोग धूम्रपान और चबाने के रूप में तंबाकू का उपयोग करते हैं। यह उपयोगकर्ताओं और गैर-उपयोगकर्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रमुख रूप से प्रभाव डालता है। यंहा पर 1.5 लाख उपयोगकर्ता प्रतिवर्ष तम्बाकू से होने वाली बीमारियों के कारण मर जाते हैं और 438 बच्चे प्रतिदिन तम्बाकू का सेवन शुरू करते हैं।





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